भारत के ‘Silicon Valley’ के तौर पर मशहूर बेंगलुरू में एक shocking case सामने आया है, जिसने देश में unemployment और higher education के importance पर बहस छेड़ दी है। यहाँ 14 साल का banking experience रखने वाला एक आदमी footpath पर बैठा मिला, जिसके पास ना job है और ना घर।
Social media पर एक user ने उसकी तस्वीर share की। तस्वीर में वह एक चौराहे पर बैठा है और उसके पास एक note रखा है, जिस पर लिखा है:
“मेरे पास job नहीं है, घर नहीं है। कृपया मदद करें। मुझे banking में 14 साल का experience है।”
Note के पास digital payment के लिए QR code भी रखा हुआ था।
Ye तस्वीर social media पर viral हो रही है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की tragic कहानी नहीं है, बल्कि भारत में बढ़ती educated unemployment की सच्चाई भी उजागर करती है। कई लोगों ने कहा कि यह society की failure है कि 14 साल का experience रखने वाला आदमी इस हालत तक पहुँच गया।
कुछ लोगों का मानना है कि सिर्फ degree या experience होना काफी नहीं है, समय के साथ skills update करना भी जरूरी है। वहीं, कुछ ने कहा कि बेंगलुरू जैसे शहर में, जहाँ job opportunities ज्यादा हैं, ऐसी स्थिति बहुत ही shocking है।
यह घटना भारत में unemployment की गंभीर समस्या को भी दिखाती है, जहाँ highly educated youth को भी job ढूँढना मुश्किल हो रहा है। हालिया reports बताती हैं कि भारत में graduate-level youth में unemployment सबसे ज्यादा है।
इसके अलावा, इस तरह की स्थिति mental health पर भी चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि unemployed होने की स्थिति से व्यक्ति में तनाव और depression बढ़ सकता है। इस घटना ने फिर से सवाल उठाया है कि क्या हमारी education system सच में employment-ready है और क्या higher degree होना job guarantee देता है?
