इंदौर की जिस लडक़ी को ढूंढने के लिए पुलिस रात-दिन एक किए हुए थी, वो मिल गई है। उसने शादी कर ली है। एलआईजी कालोनी से श्रद्धा तिवारी उर्फ आयुषी (22) 23 अगस्त से लापता थी। पिता अनिल तिवारी ने एमआईजी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी। पिता का कहना था कि किसी बात को लेकर डाटा तो वो चली गई है। अफसरों ने टीआई सीबी सिंह को कहा था कि किसी भी हालत में उसे ढूंढें। आयुषी मोबाइल नहीं ले गई थी, इसलिए उसकी लोकेशन पता नहीं चल रही थी। टीआई ने थाने की दो-तीन टीमों को लगा रखा था। आयुषी का मोबाइल में से डेटा हटा दिया था। पुलिस को उसका ई-रिक्शा में जाते हुए फुटेज मिला था।
पिता ने बताई कहानी
शुक्रवार सुबह 7 बजे आयुषी के पिता अनिल तिवारी ने टीआई सिंह को फोन किया और रोते हुए कहा कि वो मिल गई है। उसने शादी कर ली है।
आयुषी की जुबानी
आयुषी ने पुलिस को बताया कि उसकी सार्थक से दोस्ती थी। घरवालों ने दोस्ती तुड़वा दी थी और उससे बातचीत बंद करा दी थी। मोबाइल छीन लिया था, इसीलिए वो घर से गुस्सा होकर गई थी। रेलवे स्टेशन गई और वहां से रतलाम की ट्रेन में बैठ गई। रास्ते में ट्रेन से कूद रही थी तो पीछे से किसी ने उसका हाथ पकड़ लिया। उससे कहा कि तुम्हें मरने नहीं दूंगा। आयुषी ने देखा कि वो परिचित इलेक्ट्रिशियन करण योगी निवासी पालदा है। मैंने उससे कहा कि मुझे मरता नहीं देख सकते तो मुझसे शादी कर लो। वो राजी हो गया। हम महेश्वर (खरगोन) गए। यहां मंदिर में शादी की। इसके बाद से मंदसौर में थे। पिता को शादी करने की बात बताई। वो मुझे लेने आए। पिता ने श्रद्धा को ढूंढने वाले को 51 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की थी। पिता ही बेटी और दामाद को लेकर एमआईजी थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने दोनों के बयान लिए।
