कोझिकोड, केरल: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसने न केवल इंटरनेट पर प्रशंसा बटोरी बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर गहरी चर्चा भी छेड़ दी। इस वीडियो में 73 साल की प्रभावती अम्मा को देखा गया जो फुटपाथ पर स्कूटर चला रहे एक युवक को रोक रही हैं और उसे वापस सड़क की ओर लौटने के लिए कह रही हैं। यह घटना एरंगिपलम बाईपास के पास हुई जहाँ अक्सर यातायात नियमों का उल्लंघन होता है।
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घटना का वीडियो किसी राहगीर द्वारा रिकॉर्ड किया गया था और कुछ ही समय में यह क्लिप लोगों के बीच तेजी से फैल गई। लोग न केवल उसकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं बल्कि यह भी कह रहे हैं कि देश को ऐसे जागरूक नागरिकों की बेहद जरूरत है जो नियमों का सम्मान करवाने के लिए आगे आएँ।
जब स्कूटर सवार ने फुटपाथ का गलत इस्तेमाल करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, तब प्रभावती अम्मा ने न केवल अपने कदम नहीं हटाए बल्कि शांत और दृढ़ता के साथ यह साफ संदेश दिया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है न कि वाहनों के लिए। उन्होंने युवक को यह भी बताया कि फुटपाथ पर वाहनों का चलना नियमों के खिलाफ है, और यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालता है।
https://www.instagram.com/reel/DU0LsdviNhG/?igsh=bmRidnF1dm5mOXE0
वीडियो वायरल होने के बाद केरल मोटर व्हीकल्स डिपार्टमेंट (MVD) ने प्रभावती अम्मा को उनके घर बुलाकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने उन्हें पारंपरिक शॉल और सम्मान पत्र प्रदान किया और कहा कि इस तरह के सशक्त नागरिक कदम सड़क सुरक्षा में बदलाव ला सकते हैं। यही नहीं अधिकारी स्कूटर चालक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की घोषणा की। उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया और उसे ट्रैफिक जागरूकता कक्षा में भेजा गया ताकि वह भविष्य में नियम तोड़ने से पहले गंभीरता से सोचे।
इस घटना के बाद ट्रांसपोर्ट मंत्री केबी गणेश कुमार ने भी प्रभावती अम्मा की तारीफ की और कहा कि नियम तोड़ने वालों को रोकना आसान नहीं है, लेकिन ऐसे कदम न केवल पैदल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करते हैं बल्कि पूरे समाज को जागरूक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि फुटपाथ पैदल यात्रियों का अधिकार है और उसका सम्मान होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने प्रभावती अम्मा के साहस की तारीफ की और कहा कि वह युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा हैं। कई लोगों ने कहा कि अगर और ऐसे जागरूक नागरिक सामने आएँ तो सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा को सुनिश्चित करना आसान होगा। वहीं कुछ ने यह भी कहा कि सरकार को सड़क नियमों के पालन और जागरूकता को बढ़ाने के लिए और अधिक कदम उठाने चाहिए ताकि हर कोई सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल तक पहुंच सके।
