सागर। मध्यप्रदेश की महिला (68) को कई साल नागपुर के मेंटल हास्पिटल में बिताना पड़े। घर वालों को लगा कि निधन हो गया है, तो अंतिम संस्कार भी कर दिया। कल दोपहर वो पति और ब”ाों से मिली है। नागपुर के अस्पताल से सागर के गांव बांदरी ला रहे हैं। दिमागी हालत खराब थी। घर से गायब हो गई। 2011 में नागपुर के मेंटल हास्पिटल पहुंच गई। टूटी-फूटी बंगाली बोलती थी तो उसके परिवार की तलाश पश्चिम बंगाल में होती रही।
सागर के गांव बांदरी में घर
लगातार काउंसिलिंग और इलाज के बाद उसे गांव का नाम याद आ गया। पुलिस को खबर की। पता चला कि मध्यप्रदेश के सागर में है। एक लडक़े और पति का नाम भी बताने लगी। गांव जाकर रिकॉर्ड चेक किया, तो घर वाले हैरान रह गए। पहले तो उन्हें भरोसा नहीं हुआ, फिर नागपुर जाकर देखा तो आंसू नहीं थम रहे थे।
बालिग होने के पहले महिला की शादी
बताते हैं कि महिला की शादी बालिग होने के पहले ही कर दी थी। पांच ब”ाों की मां बनी। डिलीवरी के दौरान ही दिमागी हालत खराब हो गई थी। घर वालों ने कई महीनों ढूंढा था। अब उसकी हालत ठीक है, लेकिन इलाज जारी है। दवाई और समय-समय पर डॉक्टर से मिलते रहना होगा। मदद करने वाले डॉ. सतीश हुमने और डॉ. पंकज बागड़े का कहना है कि जब भी वो भावुक होती थी, तो दया आती थी। तलाश करते रहे और आखिरकार एक परिवार फिर मिल गया।
