महामना पंडित मदन मोहन मालवीय – एक बहुआयामी व्यक्तित्व
4 फरवरी 2025, यह वो तारीख होगी, जब प्रसिद्ध बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय को ठीक 109 वर्ष पूरे हो चुके होंगे।…
1973 का Black Budget: जब एक budget ने देश की दिशा बदल दी
1973 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार द्वारा पेश किया गया budget भारतीय इतिहास का सबसे चर्चित और विवादित budget…
वही दिन, वही दास्तां : जर्नलिस्ट डैनियल पर्ल की हत्या…नहीं बदली स्थिति, पत्रकार आज भी कहीं सुरक्षित नहीं!
पत्रकारिता का पेशा हमेशा से ही साहस और सच्चाई की खोज का प्रतीक रहा है। लेकिन कई बार यह जॉब…
वही दिन, वही दास्तां : सुरैया का निधन…देव आनंद और उनकी अधूरी मोहब्बत हमेशा रहेगी अमर!
"रात के आँचल में छुपे चाँद और सितारों की तरह, उनकी मोहब्बत भी चमकी, मगर पूरी न हो सकी। देव…
वही दिन, वही दास्तां : हिटलर ने अधिकारिक रूप से संभाली जर्मनी की कमान और लिख दिया रक्तरंजित इतिहास!
30 जनवरी 1933, यह वह दिन था जब एडोल्फ हिटलर ने जर्मनी के चांसलर पद की शपथ ली थी। यह…
वही दिन, वही दास्तां : भारत का पहला अख़बार प्रकाशित हुआ, तब से अब तक कितना बदल गया मीडिया?
29 जनवरी 1780, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब भारत में पहली बार एक अख़बार प्रकाशित हुआ। नाम था 'हिकीज़…
वहीं दिन, वही दास्तां : राजीव गांधी हत्याकांड के आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई, फिर गांधी परिवार ने किया माफ़!
राजीव गांधी, 1984 से 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे थे, 1991 के आम चुनाव के प्रचार के लिए वे…
26 जनवरी: एक दिन, जो भारत की पहचान बन गया
26 जनवरी हर भारतीय के लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि गौरव, स्वाभिमान और देशभक्ति का प्रतीक है। इस दिन…
अहिल्याबाई होळकर – एक असाधारण जीवन की गाथा
जब भी भारतवर्ष की सबसे महान स्त्रियों का उल्लेख हो, और उनमें अहिल्याबाई होळकर का उल्लेख ना हो ऐसा हो…