देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा, इसका फैसला कल यानी 9 सितंबर 2025 को होने वाले चुनाव में होगा। मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ था। यह चुनाव देश की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित होगा।
इस बार मुकाबला दो बड़े नेताओं के बीच है। National Democratic Alliance (NDA) ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, संगठन और राजनीति दोनों में लंबा अनुभव रखते हैं और महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं। दूसरी ओर, Indian National Developmental Inclusive Alliance (INDIA) block ने Justice (Retd.) बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। रेड्डी ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं बल्कि “विचारों की लड़ाई” है और सांसदों से अपील की है कि वे party line से ऊपर उठकर देशहित में वोट दें।
उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों द्वारा किया जाता है। NDA के पास कुल 439 वोट हैं। YSR Congress ने NDA उम्मीदवार को समर्थन दिया है। वहीं, INDIA block के पास कुल 324 वोट हैं। AIMIM और आम आदमी पार्टी ने INDIA block उम्मीदवार का समर्थन किया है। इन आंकड़ों से साफ है कि NDA का पलड़ा भारी है और सी.पी. राधाकृष्णन की जीत की संभावना ज्यादा है।
Voting 9 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। Voting खत्म होने के बाद उसी दिन गिनती की जाएगी और देर शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया के दौरान पूरे देश की निगाहें चुनाव पर टिकी रहेंगी।
उपराष्ट्रपति पद न सिर्फ देश की दूसरी सबसे बड़ी constitutional post है, बल्कि वे राज्यसभा के सभापति भी होते हैं। नतीजे का सीधा असर संसद की राजनीति पर पड़ेगा। सत्ता पक्ष इसे राज्यसभा में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मान रहा है, जबकि विपक्ष चाहता है कि इसे ideological battle के रूप में देखा जाए और इसका संदेश दूर तक पहुंचे।
