नांदेड़। प्रेमी के शव से शादी करने वाली आंचल, उसी के घर में विधवा की तरह रह रही है। माला डली फोटो से सिसक-सिसक कर बात करती रहती है। सामने रखा दीपक बुझने नहीं देती है। परिवार का सवाल आते ही चीख पड़ती है कि हां, सक्षम की लाश से शादी की, ताकि मेरे पिता और भाई जीत न सकें।
तीन साल पहले कोचिंग में हम मिले। पहली नजर से एक-दूसरे को पसंद करने लगे। वो आंबेडकर को मानने वाले परिवार से था, मैं तेलुगू समुदाय से हूं। सबसे पहले छोटे भाई को हमारे रिश्ते का पता चला। मेरी पढ़ाई रोक दी गई। वो आते-जाते मुझे बेइ”ात करता था, पीटता था। कभी-कभी मां और बड़ा भाई भी हाथ उठाते थे। पिता ने तो कभी नहीं मारा, लेकिन वो खामोशी से सब देखते रहते थे।

POCSO की धाराओं में केस दर्ज करवा दिया
नाबालिग थी, तब घसीट कर थाने ले गए। POCSO की धाराओं में केस दर्ज करवा दिया।
जब बालिग हुई तो इतवारा थाने गई और आवेदन दिया कि केस वापस लेती हूं। मुझ पर परिवार का दबाव था। भाई और पिता जब इरादा नहीं बदल सके, तो साजिश की। सक्षम को दोस्त बताने लगे, उससे मिलने-जुलने लगे, फिर ये ढोंग किया कि उन्हें रिश्ता मंजूर है। उसे हिंदू बनने के लिए कहा। फिर मुझ पर दबाव बनाया कि थाने चल कर उस पर केस दर्ज कराऊं। मैंने इंकार किया, तो फोन तोड़ दिया। पुलिस ने सक्षम को डराया कि मुझसे दूर हट जाए। हत्या वाले दिन उसे बरगला कर चाय की दुकान पर बुलाया। रिक्शा में बैठा कर गोलियां मारीं। उसकी सांस चल रही थी, तो उतार कर घसीट दिया। ये सब कुछ मुझे बाद में पता चला है।
उसके माता-पिता की सेवा जिंदगी भर करूंगी
एक रोज मुझसे कहा गया कि हम देव-दर्शन के लिए जा रहे हैं। पिता के दोस्त की गाड़ी में हम मनवत जा रहे थे। वहां पुलिस पहुंची और भाई-पिता को गिरफ्तार कर लिया। मुझे बताया गया कि हथियारों से जुड़े मामलों के कारण गिरफ्तारी हो रही है। मैं थाने पहुंची, तो सक्षम का परिवार नजर आया। उसकी मां ने बताया कि सक्षम को मार दिया है। मैं बेहोश हो गई। जब मुझे होश आया, तो मैं सक्षम के घर पहुंच गई। तब तक उसकी अर्थी सज चुकी थी। मैंने उसके घर वालों से कहा कि हमारा वादा था, एक-दूसरे से शादी करेंगे। मुझे उससे शादी करना है। वो मान गए। अब वो तो दुनिया से चला गया है, लेकिन मैं उसके घर रह कर उसके माता-पिता की सेवा जिंदगी भर करूंगी।
