इंदौर शहर के 135 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित शासकीय होलकर साइंस कॉलेज से एक श्रम शर्मनाक घटना सामने आई है। कॉलेज के दो छात्रों ने कॉलेज के लेटर हेड पर फर्जी तरीके से प्राचार्या के आकस्मिक देहांत का कारण बताते हुए परीक्षा स्थगित करने का नोटिस विद्यार्थियों के WhatsApp ग्रुप और छात्रों को शेयर कर दिया।
दोनों छात्र BCA के तीसरे वर्ष में है। दोनों के नाम मयंक कछावा और हिमांश जायसवाल है। दोनो पहले भी कई तरह से कॉलेज के खिलाफ हरकते करते रहे है लेकिन इस बार उन्होंने हद पार कर दी। छात्रों ने कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अनामिका जैन की मौत का फर्जी पत्र तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह फर्जी पत्र इतनी तेजी से फैला कि कई लोग प्राचार्य के घर शोक जताने तक पहुंच गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों को कल रात अरेस्ट कर लिया गया। पूछताछ में हिमांश ने बताया की वह एडिटिंग सीख रहा है उसने कॉलेज के नोटिस बोर्ड का फोटो लेकर उसे एडिट किया और अपने दोस्त मयंक को भेज दिया इसके बाद वह सो गया। मयंक ने वह पोस्ट सोशल मीडिया पर डाल दी।
प्राचार्य डॉ. अनामिका जैन ने बताया कि जब यह झूठी खबर वायरल हुई तो कई लोग उन्हें मृत मानकर शोक जताने उनके घर पहुंच गए। उन्होंने कहा,“मेरे परिवार के सदस्य और मैं बेहद तनाव में आ गए। इस तरह का फर्जी पत्र बनाकर छात्रों ने न सिर्फ मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई, बल्कि संस्थान की साख को भी नुकसान पहुंचाया है”। प्राचार्य ने तत्काल भंवरकुआं थाने में शिकायत दर्ज करायी। पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4) के तहत केस दर्ज किया गया है।
प्रिंसिपल डॉ अनामिका जैन ने कहा कि यह मजाक का विषय नहीं था, इससे उन्हें बहुत मानसिक परेशानी हुई। गुरुवार को कॉलेज प्रबंधन द्वारा इसके शिकायत साइबर सेल में की गई जिसपर से पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
भंवरकुआं थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने बताया कि दोनों आरोपी छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा रुकवाने और कक्षाएं स्थगित कराने की साजिश के तहत यह फर्जी पत्र बनाया था। दोनों छात्रों ने माना कि उन्होंने मिलकर लेटर तैयार किया और सोशल मीडिया पर शेयर किया ताकि परीक्षा टल जाए। पुलिस का कहना है कि छात्रों की इस हरकत ने शिक्षण संस्थान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि ये दोनों छात्र लंबे समय से कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।
फिल्हाल कॉलेज की अनुशासन समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों छात्रों को 60 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया है।
