Indore के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैली बीमारियों से लोग अभी पूरी तरह उबरे भी नहीं थे कि शहर के समीप Mhow में भी गंदे पानी का मामला सामने आ गया है। महू के पत्ती बाजार क्षेत्र में बीते करीब 15 दिनों के भीतर 25 लोग पीलिया, typhoid सहित अन्य जलजनित बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 19 बच्चे शामिल हैं।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से नलों से गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा था। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि पानी उबालने के बाद भी बर्तनों के तल में गाद जम रही है, जिससे पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने किया दौरा
बीमारियों के अचानक बढ़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पहले SDM राकेश परमार और तहसीलदार विवेक सोनी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद रात करीब नौ बजे क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर ने भी प्रभावित इलाके का दौरा किया। देर रात Indore कलेक्टर शिवम वर्मा भी महू पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में घर-घर जाकर मरीजों की जानकारी एकत्र की है। साथ ही पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि दूषित जल की पुष्टि और बीमारी के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल बीमार लोगों का उपचार जारी है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि Indore की तरह महू में भी लोग लंबे समय से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दूषित पानी से लोग बीमार हुए, इसके बावजूद न तो जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हुई और न ही ठोस कदम उठाए गए।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
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