इंदौर । भाजपा ने व्हिप जारी किया है। इसके मुताबिक, 9 अक्टूबर को निगम परिषद पार्षद दल की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। परिषद बैठक में वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को बीजेपी बाहर करेगी। भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि इंदौर नगर निगम के इतिहास में पहली बार कोई पार्षद बर्खास्त होगा। महिलाओं के सम्मान में बीजेपी यह बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम खूंखार अपराधी को बर्दाश्त नहीं करेंगे, खासतौर पर उन्हें तो बिल्कुल नहीं जो धर्मांतरण फंडिंग के आरोपी हों। अनवर कादरी के खिलाफ वोट देने के लिए निगम में सभी पार्षद उपस्थित रहेंगे। ये निर्देश दे दिए गए हैं। अगर पार्षद अनुपस्थित रहें, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने संभागायुक्त को लिखा था पत्र
अनवर कादरी इंदौर के वार्ड नंबर 58 से कांग्रेस के पार्षद हैं। उनकी पार्षदी समाप्त करने की प्रक्रिया को जून माह से ही अमल में लाया जा रहा है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 20 जून को संभागायुक्त दीपक सिंह को इस बारे में पत्र लिखा था। उन्होंने कादरी को पद से हटाने का अनुरोध किया था। महापौर ने अपने पत्र में बताया था कि अनवर कादरी के खिलाफ केस दर्ज है और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें पद से हटाना जरूरी है।
अनवर कादरी पर गंभीर आरोप
पार्षद अनवर कादरी पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला जून माह का है, जब एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दो युवकों ने हैरान करने वाला खुलासा किया था। उनका कहना था कि कादरी ने उन्हें पैसे दिए थे ताकि वे हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन और वेश्यावृत्ति की ओर धकेलें। वीडियो वायरल होते ही हडक़ंप मच गया था और पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर लिया था।
कादरी पर रखा था 40 हजार का इनाम
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और जांच के दौरान अनवर कादरी का नाम सामने आया था। कादरी तब फरार हो गए थे। पुलिस ने उन्हें पकडऩे के लिए इंदौर, दिल्ली समेत कई शहरों में दबिश दी। उनकी गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपये का इनाम रखा गया। इसी दौरान उनकी बेटी आयशा को भी गिरफ्तार किया गया क्योंकि उस पर पिता को छिपाने में मदद करने का आरोप लगा था। बाद में उसे जमानत मिल गई। करीब तीन महीने फरार रहने के बाद 29 अगस्त को कादरी ने जिला अदालत में सरेंडर कर दिया था।
