इंदौर और उज्जैन जिले के किसान आज एक हजार से अधिक ट्रैक्टरों के साथ हातोद से इंदौर तक रैली निकालेंगे। यह रैली इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को निरस्त करने, सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने और मुआवजा दरें बढ़ाने जैसी मांगों को लेकर होगी।रैली हातोद से शुरू होकर गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर चौराहा और नावदा पंथ मार्ग से सिरपुर तालाब पहुंचेगी। वहां ट्रैक्टरों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है, और तालाब से किसान चंदन नगर, लाबरिया भेरू और महू नाका मार्ग से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे।
हातोद से सिरपुर तालाब तक ट्रैक्टर रैली
किसान बबलू जाधव के मुताबिक, अपने-अपने गांवों से किसान सिरपुर तालाब के लिए निकल चुके हैं। दोपहर 2 बजे तक सभी किसान तालाब पर पहुंचेंगे और वहीं से लगभग 3 बजे तक पैदल कलेक्ट्रेट तक मार्च करेंगे।रैली हातोद से शुरू होकर गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर चौराहा और नावदा पंथ मार्ग से होते हुए सिरपुर तालाब पहुंचेगी। जहां ट्रैक्टरों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।सिरपुर तालाब से किसान चंदन नगर, लाबरिया भेरू और महू नाका मार्ग से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे।
ग्रीन फील्ड कॉरिडोर से 28 गांव प्रभावित
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव तथा उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। परियोजना के लिए 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन अधिग्रहीत की जा रही है। कई किसानों की पूरी जमीन परियोजना की जद में आ रही है, जबकि कुछ की जमीन के बीच से सड़क गुजरेगी, जिससे खेती असंभव हो जाएगी।
मुआवजे और फसलों के दाम पर नाराजगी
किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा बाजार मूल्य से बहुत कम है। कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान ने कहा कि गाइडलाइन के अनुसार दोगुना मुआवजा देने की बात कही जा रही है, जबकि जमीन के वास्तविक दाम पांच गुना तक बढ़ चुके हैं। रैली में किसान ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के विरोध के साथ सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने जैसी मांगें भी रखेंगे।
किसानों की अनदेखी
किसान नेताओं का कहना है कि लगातार नीतियों और योजनाओं में किसानों के हितों की अनदेखी हो रही है। जाधव ने कहा, “सरकार योजनाएं बना देती है, लेकिन अन्नदाता की स्थिति को समझने की कोशिश नहीं करती। इस सड़क से हमारी जमीनें जा रही हैं, पर मुआवजे में आसपास के 10 किमी तक कहीं भी जमीन नहीं मिल रही।”
