Madhya Pradesh में वित्त वर्ष 2026 के लिए राज्य का बजट पेश किया गया। यह मोहन यादव सरकार का तीसरा Budget है, जबकि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बतौर वित्त मंत्री अपना सातवां बजट प्रस्तुत किया। Budget भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर हाथ को काम और हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस – एक लाख किसानों को सोलर पंप
सरकार ने घोषणा की है कि एक लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना के लिए तीन हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों की बिजली पर निर्भरता कम करना और सिंचाई व्यवस्था को सशक्त बनाना है।
मछली पालन और ग्रामीण रोजगार
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 412 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मनरेगा के लिए 10428 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लाड़ली बहना और सामाजिक योजनाएं
राज्य की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना के लिए 23882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपए का प्रावधान बताया गया है। श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपए तय किए गए हैं।
जीवन ज्योति योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख पंजीयन हो चुके हैं, जबकि अटल पेंशन योजना में 46 लाख लोगों का पंजीयन दर्ज किया गया है।
आवास, सड़क और बुनियादी ढांचा
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6850 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना को मंजूरी दी जा चुकी है और सड़क मरम्मत के लिए 12690 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
पीएम जन मन योजना के लिए 900 करोड़ रुपए और जल जीवन मिशन के लिए 4400 करोड़ रुपए का budget रखा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।
शिक्षा, खेल और पोषण
सरकार ने घोषणा की है कि आठवीं कक्षा तक के छात्रों को टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा। छात्रवृत्ति योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 815 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित विकास को बल मिलने की संभावना है।
निवेश और औद्योगिक विकास
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि बीते दो वर्षों में Madhya Pradesh को 33 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रस्तावों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
Budget सत्र में हंगामा
Budget पेश किए जाने के दौरान विधानसभा में हंगामा भी देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और टेबल ठोककर विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने बजट के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने इसे सर्वांगीण विकास का बजट बताया।
Madhya Pradesh का यह बजट किसानों, महिलाओं, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित नजर आता है। लाड़ली बहना योजना, सोलर पंप, सड़क निर्माण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर बड़े प्रावधान यह संकेत देते हैं कि सरकार सामाजिक कल्याण और विकास के संतुलन पर जोर दे रही है। अब देखना होगा कि इन घोषणाओं का क्रियान्वयन किस गति और पारदर्शिता के साथ होता है तथा इसका जमीनी असर कितना दिखाई देता है।
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