इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस में फिर कलह के आसार है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किल बढ सकती है। पहले दिग्विजय सिंह ने घेराबंदी की थी अब कमलनाथ भी अपने पूराने साथियों को एक कर रहे हैं। भोपाल में मीटिंग रखी थी जिसमें कमलनाथ के चहेते बाला ब”ान और सज्जन सिंह वर्मा सहित कई दिग्गज कांगेसी पहुंचे थे।
नकुलनाथ के लिए सियासत का मतलब सिर्फ छिंदवाड़ा रहा है, पर अब प्रदेश की फेरी लगाने की तैयारी है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने भोपाल में खास साथियों से कहा-हाथ पर हाथ रखने से तवज्जो नहीं मिल रही है, कुछ करना पड़ेगा और अब नकुलनाथ के हवाले बागडोर कर देना चाहिए।
जीतू पटवारी के लिए राह कठिन
जीतू पटवारी सुन ही नहीं रहे हैं और हाशिए पर डाल दिया है, इसलिए लडऩा होगा। प्रदेश अध्यक्ष के लिए हालात तंग होते जा रहे हैं। दिग्विजय सिंह के बाद अब कमलनाथ ने माहौल पकडऩे की कोशिश की है। हालांकि दिल्ली में सुनवाई नहीं है। नकुलनाथ में टीम चलाने की कुव्वत नहीं है, ना ही भीड़ जमा करने की हैसियत है। मीटिंग में सज्जन सिंह वर्मा से लेकर बाला बच्चन तक जितने कमलनाथ के पुराने साथी रहे हैं, सब मौजूद थे। सज्जन अब पटवारी के करीब आ गए हैं, पर कल पहुंच गए थे और नकुलनाथ को दम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
सज्जन की नाराजी
सृजन के नाम पर जिन नेताओं के साथ खेल हुआ है, उसमें सज्जन सिंह वर्मा शामिल है और तब से ही नाराज हैं। इंदौर से विनय बाकलीवाल को बुलवा मिला था, जो मीटिंग के बाद से ही उछलकूद कर रहे हैं कि वापसी हो रही है!
