मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण और राज्य में ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि बढ़ाने और सरकारी भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब पात्र महिलाओं को हर माह 1250 रुपये की जगह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह नई राशि नवंबर माह से दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना है। सरकार का अनुमान है कि इस वृद्धि से लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख सामाजिक योजना है, जिसके अंतर्गत राज्य की 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित, विधवा या तलाकशुदा महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू जरूरतों और व्यक्तिगत खर्चों के लिए स्वतंत्र वित्तीय सहायता प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तो परिवार और समाज दोनों का विकास होगा।
इसके साथ ही कैबिनेट ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सरकारी भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत सरकारी भवनों की छतों को उपयोग में लाया जाएगा और निजी कंपनियों को इसके लिए एकीकृत अनुबंध दिए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि बिजली खर्च में भी भारी कमी आएगी। उत्पन्न बिजली सरकार निर्धारित दरों पर खरीदेगी जिससे सरकारी खर्च में बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने से राज्य को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में अटल लोक परियोजना के लिए भी 229 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यह परियोजना उज्जैन जिले में ‘एकात्म धाम’ परिसर में आचार्य शंकर सहयोग केंद्र के अंतर्गत ‘अटल लोक’ के निर्माण से जुड़ी है। परियोजना का कुल खर्च 242.4 करोड़ रुपये है, जिसमें से 229 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगी और रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी।
इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी 12 नवंबर को ‘सिंगल क्लिक ट्रांसफर’ के माध्यम से लाड़ली बहना योजना की बढ़ी हुई राशि जारी करने की घोषणा की। यह राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार इस अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करेगी जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं भाग लेंगे।
बैठक में ऊर्जा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण देकर बताया कि सौर ऊर्जा परियोजना के तहत पहले चरण में सभी जिला मुख्यालयों के सरकारी भवनों पर पैनल लगाए जाएंगे। आगे चलकर इसे विकासखंड स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। इस परियोजना से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य को दीर्घकालिक लाभ होगा।
मध्य प्रदेश सरकार की ये दोनों घोषणाएँ राज्य की जनता, विशेषकर महिलाओं और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। एक ओर जहां लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने से महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा, वहीं सौर ऊर्जा योजना राज्य को हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की प्रत्येक महिला आत्मनिर्भर बने और प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि सरकार सामाजिक योजनाओं और पर्यावरणीय परियोजनाओं को साथ लेकर चल रही है ताकि विकास और संरक्षण दोनों के बीच संतुलन बना रहे।
मध्य प्रदेश कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य में महिला कल्याण और ऊर्जा क्षेत्र दोनों में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद की जा रही है। एक ओर लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी, वहीं सौर ऊर्जा परियोजना से सरकारी खर्च में कमी और पर्यावरणीय लाभ होगा।
