मध्य प्रदेश में इस समय पुलिस के एक दूसरे बिल्कुल भिन्न पुलिस के दो चेहरे सामने आये हैं। वर्तमान में जहां एक तरफ शिवनी की CSP पूजा पांडे और उनके अन्य साथीयों ने पूरे मध्य प्रदेश की नाक कटवा दी है। वहीं दूसरी तरफ ग्वालियर की एसपी हिना खान अपनी सूझबूझ से ऐसा काम किया कि लोग उनकी सराहना करते नहीं थक रहे। दोनों को देखकर समझा जा सकता है कि समाज की ही तरह पुलिस विभाग में भी अगर बुरे और बेईमान अफसर हैं तो ईमानदार अफसरों की भी कमी नहीं है।
ताज़ा मामले में एक विडियो सामने आया जिसमें एक वकील अनिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि CSP हिना खान ने हिंदू धर्म के लोगों को अंदर जाने से रोका। इस पर मिश्रा ने उन्हें सनातन विरोधी कह डाला । वहाँ खड़ी भीड़ जय श्री राम के नारे लगाने के लिए बोला। इसी पर मिश्रा को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए हिना खान भी जोर-जोर से जय श्रीराम के नारे लगाने लगीं। उन्होंने न केवल बेबाक जवाब दिया, बल्कि शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा। इस तरह उन्होंने मामला बिगड़ने से पहले ही सब शांत कर दिया।
मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। इस मामले में डॉ. भीमराव अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसका विरोध करते हुए वकीलों का एक ग्रुप मंदिर में सुंदरकांड का पाठ करने जा रहा था। इस दौरान प्रशासन का आदेश होने के कारण लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं थी। जब प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रशासन नहीं जाने दिया तो वकीलों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान वहां कानून व्यवस्था संभाल रहीं सिटी एसपी हिना खान ने भी ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद काफी वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद हर कोई एसपी हिना खान के बारे में जानना चाह रहा है।
कौन हैं हिना खान?
हिना खान गुना जिले की रहने वाली हैं और 2018 में मध्य प्रदेश पुलिस में शामिल हुई थीं। वर्तमान में वह ग्वालियर में नियुक्त हैं और यूनिवर्सिटी एरिया की मुख्य पुलिस अधीक्षक (CSP) हैं। उन्होंने पहले ही सिविल सेवा परीक्षा 2016 पास की है। उनके पास बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी की डिग्री है। उन्होंने इससे पहले जीएसटी विभाग में असिस्टेंट कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के रूप में काम किया, लेकिन जनता की सेवा सीधे तौर पर करने की इच्छा थी इसलिए सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। 2016 में उन्होंने एमपीपीएससी पास किया। 2018 में पुलिस सर्विस जॉइन की और अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत जबलपुर से की, उसके बाद ग्वालियर में पदस्थ हुईं, जहां अब वो CSP के रूप में कार्यरत हैं।
घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, “गुस्सा नहीं आया, लेकिन हां, थोड़ा दुःख ज़रूर हुआ, हम सब इस देश में रहते हैं, हर किसी को अपनी बात कहने का हक है। मैं तो बस अपना फर्ज निभा रही थी। अगर भगवान का नाम लेने से माहौल शांत होता है तो मुझे लगता है, ये अच्छी बात है।”
CSP पूजा पांडे और उनके साथियों ने कटवाई एमपी पुलिस की नाक
जहाँ एक तरफ लोग हिना की सराहना करते नहीं थक रहे वहीं दूसरी तरफ एमपी के शिवनी के मामले में पूरे पुलिस डिपार्टमेंट की थू – थू हो रही है। ये मामला लाखों की लूट से जुड़ा है। उस मामले में सिवनी पुलिस की CSP पूजा पांडे बेहद चर्चा में हैं। सिर्फ पूजा ही नहीं, उनके नीचे काम करने वाले थाना प्रभारी से लेकर 11 पुलिसकर्मी नौकरी से सस्पेंड हो चुके हैं। कल भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आरोपितों को न्यायालय ले जाया गया था।
मध्य प्रदेश के शिवनी में सीएसपी पूजा पांडे समेत 11 पुलिसकर्मियों पर हवाला कारोबारी से मिलीभगत कर 2.96 करोड़ की लूट का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने एक हवाला कारोबारी के साथ मिलकर लगभग 2 करोड़ 96 लाख रुपए की डील की थी। उनका प्लान था कि इन पैसों को 50-50 बांटा जाएगा, लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस वालों ने अपने हिस्से के पैसे तो रख लिए, पर कारोबारी को कम रकम लौटाई।
इस धोखे से नाराज कारोबारी ने थाने में जाकर खुद पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी।
क्या है पूरी कहानी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, 8-9 अक्टूबर की रात को सिवनी जिले में पदस्थ CSP पूजा पांडे को सूचना मिली कि कटनी जिले से हवाला कारोबारी बड़ी रकम लेकर महाराष्ट्र के लिए निकले हैं। पांडे के आदेश में हवाला कारोबारियों की क्रेटा गाड़ी का पीछा किया गया। लखनवाड़ा थाने की सीमा के तहत आने वाले हाइवे पर सीएसपी पुलिस टीम को लेकर पहुंच गई। क्रेटा कार रुकवाई गई और कारोबारियों के पास मिले 2 करोड़ 96 लाख रुपए छीन लिए गए। कारोबारीयों ने अगले दिन सिवनी कोतवाली थाने में जाकर थाना इंचार्ज को पुलिस की लूट की कहानी सुनाई। चूंकि थाना महिला अधिकारी पूजा पांडे के अधीन ही आता था, तो टीआई ने ये सूचना उन तक पहुंचाई। इसके बाद पूजा पांडे ने कारोबारी को बुलाकर उसके साथ डील शुरू की। तय हुआ कि 50-50 का सौदा आधा पैसे हवाला कारोबारी को देना था, और आधा पुलिस की टीम ने रखना था। हवाला करोबारी को एक करोड़ 48 लाख रुपए मिलने थे, लेकिन 25 लाख कम थे। वादे के मुताबिक कारोबारी की गाड़ी में आधे रुपए रखवाए और उसे रवाना कर दिया। जब कारोबारी ने रास्ते में पैसे गिनने शुरू किए तो उसमे तय रकम से 25 लाख कम थे। इस बात से नाराज़ हवाला कारोबारी फिर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा। लेकिन उस बार उसे वहां अपमानित करके भगा दिया गया जिससे उसने मामले को खोल दिया…उसने सीएसपी पूजा पांडे और दूसरे पुलिस कर्मियों की शिकायत पुलिस के सीनियर अधिकारियों को यह खबर दी। इसके बाद हड़कंप मच गया और पूरे देश प्रदेश में चर्चा हो गई।
इस मामले में खुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नाराजगी जता चुके है। उन्होंने कड़ी जांच के आदेश दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमा और राज्य सरकार दोनों ही जांच को लेकर सतर्क हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि दोषी चाहे कोई भी हो उसे माफ नहीं किया जाएगा।
पुलिस जांच के बाद इस मामले में सीएसपी पूजा पांडे, टीआई अर्पित भैरम सहित कुल 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अपहरण और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।
हवाला के 1 करोड़ 45 लाख रुपये नौ अक्टूबर को निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे व निलंबित एसआई अर्पित भैरम ने जमा कराए थे। वहीं 13 अक्टूबर को नागपुर से एक करोड़ 25 लाख रुपये जब्त कर पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था। शेष रकम की बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच जबलपुर जांच कर रही है। आयकर विभाग भी मामले की जांच कर रहा है।
हवाला कारोबारियों सोहन परमार, इरफान पठान और शेख मुख्तार के खिलाफ भी लखनवाड़ा थाने में संगठित अपराध की धारा 112 (2), 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर दिया गया था।
