22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हो जाने के बाद से पूरे देश में गुस्से और शोक की लहर दौड़ गई थी। पूरा देश एक स्वर में कह रहा था कि इस पर कड़ी कारवाई होनी ही चाहिए। आम जनता से लेकर रक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक हलकों तक, हर कोई एक ही बात कह रहा था कि इस बार जवाब ज़रूरी है। आखिरकार 7 मई की सुबह “ऑपरेशन सिंदूर” के ज़रिए भारत ने इस हमले का सख़्त जवाब दिया। आइए, एक नज़र डालते हैं इस पूरे ऑपरेशन पर।
7 मई 2025 की सुबह 1 से 2 बजे के बीच भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” नाम से एक खास सैन्य कारवाई (Military Action) की। इसका मकसद पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को तबाह करना था। पाकिस्तान के ISPR के मुताबिक भारत ने 27 Missiles दागीं। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया। ये ठिकाने बहावलपुर, मुरिदके, सियालकोट और मुज़फ्फराबाद जैसे इलाकों में थे।
भारत का कहना है कि इस ऑपरेशन में 70 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए और 60 से ज़्यादा घायल हुए। वहीं पाकिस्तान ने 9 लोगों की मौत और 35 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की बात कही है, साथ ही भारत पर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इस कारवाई के बाद सीमा पर गोलीबारी भी तेज हो गई, जिसमें भारत के 3 नागरिक मारे गए।
इस पर International Reactions भी आई। United Nations के महासचिव António Guterres और US के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा की दोनों देश लंबे वक्त से लड़ रहे हैं और ये सब जल्द खत्म होना चाहिए। भारत ने कहा कि यह ऑपरेशन उसकी आतंकवाद के खिलाफ “Zero Tolerance” नीति का हिस्सा था और इसका मकसद आतंकियों को खत्म करना था। Social Media पर भारतीय सेना ने “Justice is Served. Jai Hind!” लिखकर इस मिशन की पुष्टि की।
