पाकिस्तान और Saudi Arabia ने हाल ही में एक strategic defence agreement पर sign किया हैं। इस agreement के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो इसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। कुछ जानकार इसे ‘NATO जैसी partnership’ भी बता रहे हैं। यह agreement पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के Riyadh दौरे के दौरान हुआ।
इस agreement का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच defence co-operation को मजबूत करना और किसी भी बाहरी खतरे के खिलाफ joint security तैयार रखना है। Experts का कहना है कि इस कदम से Gulf region में सुरक्षा का एक नया ढांचा तैयार हो सकता है। यह agreement उस समय किया गया जब Gulf region में हाल ही में Israel से जुड़ी घटनाओं की वजह से सुरक्षा चिंताएँ बढ़ गई थीं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस agreement पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह बारीकी से इसकी समीक्षा करेगा, क्योंकि इसका क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि भारत हमेशा अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क और तैयार रहेगा।
हालांकि, Saudi Arabia के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह agreement किसी खास देश या हालिया घटना के जवाब में नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि Saudi Arabia और भारत के संबंध पहले से मजबूत हैं और यह समझौता केवल दोनों देशों के बीच defence co-operation को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
