By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
March 7, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: UGC के नए नियमों से देश में मचा बवाल, सामान्य वर्ग ने जताई कड़ी आपत्ति
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
UGC
India

UGC के नए नियमों से देश में मचा बवाल, सामान्य वर्ग ने जताई कड़ी आपत्ति

उच्च शिक्षा में समानता या नया विवाद

Last updated: जनवरी 28, 2026 4:39 अपराह्न
By itspixeldot 1 महीना पहले
Share
6 Min Read
SHARE

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर देशभर में विवाद खड़ा हो गया है। UGC ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम 2026 को लागू किया है। इन नियमों के तहत देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एक विशेष इक्विटी कमेटी का गठन अनिवार्य कर दिया गया है।

UGC का कहना है कि यह नियम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ हो रहे भेदभाव को रोकने के लिए लाए गए हैं। आयोग के अनुसार पिछले पांच वर्षों में इन वर्गों के छात्रों द्वारा दर्ज कराई गई भेदभाव संबंधी शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नया ढांचा तैयार किया गया है।

नए नियमों के अनुसार हर उच्च शिक्षण संस्थान में एक इक्विटी कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके साथ ही कमेटी में एक महिला प्रतिनिधि का होना भी अनिवार्य किया गया है। यह कमेटी छात्रों और कर्मचारियों द्वारा की गई भेदभाव संबंधी शिकायतों की जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करेगी।

UGC ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। यदि कोई विश्वविद्यालय या कॉलेज निर्धारित समय में इक्विटी कमेटी का गठन नहीं करता है तो उसकी मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित संस्थान को मिलने वाली वित्तीय सहायता भी रोकी जा सकती है।

हालांकि इन नियमों को लागू किए जाने के बाद सामान्य वर्ग के छात्रों और संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। देश के कई हिस्सों में इन नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों का कहना है कि नियमों में झूठी शिकायतों को रोकने के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है। उनका तर्क है कि बिना पर्याप्त जांच के शिकायत दर्ज होने की स्थिति में निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

विरोध कर रहे संगठनों का यह भी कहना है कि इक्विटी कमेटी में सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उनका मानना है कि इससे निर्णय प्रक्रिया एकतरफा हो सकती है और संतुलन की कमी रह जाएगी। छात्रों का आरोप है कि नियमों में शिकायतकर्ता को प्राथमिकता दी गई है जबकि आरोपी पक्ष के अधिकारों को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं।

कुछ छात्र संगठनों ने यह मुद्दा राजनीतिक मंचों तक भी पहुंचा दिया है। संसद के बजट सत्र से पहले इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से इन नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि नियमों का उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं बल्कि शिक्षा संस्थानों में सुरक्षित और समान माहौल बनाना है।

इस बीच UGC और शिक्षा मंत्रालय की ओर से यह संकेत दिए गए हैं कि नियमों को लेकर उठ रही आशंकाओं पर विचार किया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि नियमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक स्पष्टीकरण और दिशा निर्देश जल्द जारी किए जा सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि ये नियम सामान्य वर्ग के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और समानता के सिद्धांत के खिलाफ हैं। कोर्ट में मामले की सुनवाई अभी लंबित है।

दूसरी ओर कुछ छात्र संगठन और सामाजिक समूह इन नियमों का समर्थन भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबे समय से भेदभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं और इन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी थी। समर्थकों का दावा है कि इक्विटी कमेटी से पीड़ित छात्रों को न्याय मिल सकेगा।

कुल मिलाकर यूजीसी के नए नियमों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके प्रावधानों को लेकर असंतोष और विरोध भी बढ़ता जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार और UGC के अगले कदम पर टिकी हुई है कि इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण या संशोधन सामने आता है।

https://www.instagram.com/reel/DUA5m3Kk9b3/?igsh=anRwZGIzb3pwcjQ0

You Might Also Like

Indore की रंग पंचमी गैर पर इस बार हाईटेक सुरक्षा

Gwalior में हाइवे पर कार को डेढ़ किमी तक घसीटता रहा कंटेनर

Ayatollah Ali Khamenei: इस्लामिक क्रांति से सुप्रीम लीडर तक

Khamenei की मौत के बाद Iran में सत्ता परिवर्तन

Holi 2026: 3 मार्च या 4 मार्च, कब मनाई जाएगी रंगों की Holi?

TAGGED: Education Policy, General Category, madhya pradesh, new rules, politics, reservation, SC ST, thefourthindia, ugc
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

NCRT - The Fourth
Education

NCERT किताबों में बदलाव, India नहीं बल्कि Bharat लिखा जाएगा देश का नाम

2 वर्ष पहले

आरोपी ने जेल में कि Law की पढ़ाई, खुद का केस लड़ कर बेगुना साबित हुआ

आज की तारीख – 30: माइकल जैक्सन को अमर बनाने वाला ‘Thriller’ एल्बम हुआ था रिलीज़!

इब्राहिमोविक जल्द कर सकते हैं संन्यास से वापसी

Chernobyl पर रूस का हमला, कितना खतरनाक हो सकता था ये समझने के लिए 1986 की घटना को याद कर लेना चाहिए!

You Might Also Like

Dubai में शुरू हो रही है Uber की उड़ने वाली टैक्सी सेवा
World

Dubai में शुरू हो रही है Uber की उड़ने वाली टैक्सी सेवा

1 सप्ताह पहले
बधाई हो! Botswana से आए 9 नए चीते, भारत में अब कुल 48 चीते
Cities

बधाई हो! Botswana से आए 9 नए चीते, भारत में अब कुल 48 चीते

1 सप्ताह पहले
Rewa : वर्दी में वायरल रील ने पुलिस ट्रेनीज़ को दिलाई ‘कारण बताओ’ नोटिस
Cities

Rewa : वर्दी में वायरल रील ने पुलिस ट्रेनीज़ को दिलाई ‘कारण बताओ’ नोटिस

1 सप्ताह पहले
Bolivia में सैन्य विमान हादसा, सड़क पर बिखरे नोटों के बीच 15 की मौत
World

Bolivia में सैन्य विमान हादसा, सड़क पर बिखरे नोटों के बीच 15 की मौत

1 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?