हर साल भाद्रपद महीने की शुक्ल चतुर्थी को पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। कुछ मान्यताओं में यह उनके जन्म का दिन है, जबकि कुछ मतों के अनुसार यह उनके पृथ्वी पर आगमन का दिन है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता माना जाता है। उनकी पूजा से जीवन की सभी बाधाएँ और कठिनाइयाँ दूर होती हैं। इस अवसर पर भक्त अपनी श्रद्धा और प्रेम के साथ घरों और मंदिरों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं।
शुभ मुहूर्त
इस साल गणेश चतुर्थी के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
सुबह: 11:10 बजे से 12:30 बजे तक
दोपहर: 3:45 बजे से 6:45 बजे तक
पूजा और परंपरा
गणेश चतुर्थी के दिन मूर्ति को फूल, अक्षत और मिठाइयों से सजाया जाता है। विशेष रूप से मोदक और लड्डू भगवान गणेश के प्रिय माने जाते हैं। भक्त गणेश जी की आरती गाते हैं, दीपक और धूप अर्पित करते हैं और उनके जीवन में खुशियाँ और समृद्धि आने की प्रार्थना करते हैं।
कई जगहों पर यह त्योहार 10 दिनों तक चलता है और अंतिम दिन गणेश विसर्जन के साथ इसे पूरा किया जाता है। इस पूरे उत्सव में सिर्फ पूजा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मिलन का भी अवसर मिलता है।
आधुनिक तकनीक में गणेश जी
आजकल AI तकनीक के इस्तेमाल से गणेश जी की मूर्तियों की तस्वीरें move होती दिखाई देती हैं, जिससे ऐसा लगता है कि मूर्ति जीवंत है। कई जगह उनकी मूर्तियाँ सैनिक, डॉक्टर या अन्य पेशों में दिखाई जाती हैं। कुछ मूर्तियों में उनके abs और अन्य आधुनिक विशेषताएँ भी दर्शाई जाती हैं।
इस नए प्रयोग को लेकर लोगों की राय मिलीजुली है। कुछ भक्त इसे रोचक और आकर्षक मानते हैं। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि इससे मूर्तियों की मासूमियत और पारंपरिक सौंदर्य थोड़ी कम हो गई है।
लालबागचा राजा 2025: मुंबई का आकर्षण
मुंबई का प्रसिद्ध लालबागचा राजा इस साल भी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस बार पंडाल मंदिर के आकार में बनाया गया है और इसकी ऊँचाई 50 फीट है। इसका interior और exterior दोनों अंबानी परिवार ने sponsor किया है। अंबानी परिवार द्वारा भक्तों के लिए प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। लालबागचा राजा अपनी भव्यता के कारण हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है। यह केवल पूजा का केंद्र नहीं, बल्कि भक्तों को इकट्ठा कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का अवसर भी देता है।
विश्व में गणेश मूर्तियाँ: भक्ति का वैश्विक स्वरूप
गणेश जी की भक्ति केवल भारत तक सीमित नहीं है। Thailand के Chachoengsao प्रांत में Khlong Khuean Ganesh International Park में दुनिया की सबसे लंबी खड़ी गणेश मूर्ति स्थित है, जिसे वहां के लोग Phra Phikanet कहते हैं। यह मूर्ति 30 मीटर ऊँची है और pedestal सहित कुल 39 मीटर तक पहुँचती है। इसे 854 bronze segments से बनाया गया है। इसके चार हाथ हैं, जिनमें आम, कटहल, केला और गन्ना पकड़े हुए हैं और नीचे एक मूषक भी दर्शाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि भगवान गणेश की पूजा और उनकी मूर्तियों का महत्व केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में महसूस किया जाता है। Thailand की इस भव्य मूर्ति में श्रद्धा और समर्पण की एक साझा भावना देखने को मिलती हैं।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आजकल पर्यावरण के प्रति जागरूक लोग मिट्टी या eco-friendly गणेश प्रतिमाओं का उपयोग कर रहे हैं, ताकि जल और प्रकृति को नुकसान न पहुँचे। इससे यह संदेश मिलता है कि परंपराओं का पालन करते हुए हम प्रकृति की सुरक्षा भी कर सकते हैं।
निष्कर्ष
आज के समय में देश और दुनिया में कई तरह की समस्याएँ और संघर्ष हैं। ऐसे वक्त में हमें भगवान गणेश से प्रार्थना करनी चाहिए कि वे हमें सही फैसले लेने की बुद्धि दें, हमारे जीवन की सभी बाधाएँ दूर करें और हमें प्रेम, सद्भाव और एकता बनाए रखने की शक्ति दें।
The Fourth की ओर से आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
