यदि हिन्दू धर्म के सबसे विशेष त्योहारों की बात की जाए तो उसमें राम नवमी का ज़िक्र तो होना ही चाहिए। और हो भी क्यों न? ये दिन न केवल हमें भगवान श्री राम के जन्म का स्मरण कराता हैं साथ ही उनके जीवन से सीख लेकर धर्म, सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों पर चलने की प्रेरणा देता हैं। ये पावन पर्व चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पूरे भक्ति भाव के मनाया जाता हैं। इस दिन चैत्र नवरात्रि का समापन भी होता हैं।
श्री राम का अवतार
त्रेतायुग में जब रावण और अन्य दुष्टों के अत्याचारों की सीमा पार हुई, तब अधर्म के नाश और धर्म की रक्षा करने के लिए स्वयं भगवान विष्णु ने श्री राम के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया। उन्होंने महाराज दशरथ के घर जन्म लिया। महाराज दशरथ की तीन गुणी रानियां थीं, कौशल्या, कैकेई और सुमित्रा। वे स्वयं एक आदर्श शासक और पराक्रमी योद्धा तो थे ही, साथ ही दुनिया भर के सभी सुख थे, लेकिन उनके जीवन में एक ही अभाव था, संतान का सुख। संतानहीन होने के कारण उनका मन व्याकुल रहता था।
संतान की प्राप्ति हो, इसके लिए उन्होंने श्रृंगी ऋषि से पुत्रकामेष्ठि यज्ञ करवाया। हवन कुंड से अग्निदेव अपने हाथों में खीर का पात्र लेकर निकले। अग्निदेव ने कहा कि इस खीर को महाराज दशरथ अपनी रानियों को दें, इससे उन्हें उत्तम संतान की प्राप्ति होगी। इसके बाद महाराज दशरथ ने वह दिव्य प्रसाद अपनी तीनों रानियों में बाँट दिया। समय आने पर कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम, कैकेई के गर्भ से भरत और सुमित्रा के गर्भ से लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न का जन्म हुआ।
राम नवमी पर क्या-क्या किया जाता हैं?
इस पर्व को पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया जाता हैं। इस दिन विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन, व्रत रखे जाते हैं। दोपहर 12 बजे मंदिर में श्री राम जन्म मनाया जाता हैं। जन्म के बाद दर्शन करने आए भक्तों को प्रसाद भी बांटा जाता हैं। कई जगहों पर रामायण, रामचरितमानस का पाठ भी किया जाता हैं।
इसे कहा-कहा मनाया जाता हैं?
पूरे भारत में इस त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता हैं, मगर कुछ स्थानों पर इसका अलग ही महत्व होता हैं। जैसे अयोध्या, रामेश्वरम, भद्राचलम, सीतामढ़ी आदि। यदि दूसरे देशों की बात करें तो नेपाल में जनकपुर, श्रीलंका मॉरीशस आदि देशों में भी हिन्दू समुदाय इसे भक्तिभाव के साथ मनाता हैं।
राम नवमी का संदेश
राम नवमी सिर्फ एक पर्व नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म और मर्यादा का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें यह सिखाता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाई आए, अगर हम सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहें तो विजय निश्चित है। इस दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम भी श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और सदैव सत्य, धैर्य, संयम से अपना जीवन जीएं।
The Fourth की ओर से सभी को राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं!