लखनऊ के Ekana Cricket Stadium में कल एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जो लोग लंबे समय तक भुला नहीं पाएंगे। ये मैच एक बार फिर साबित कर गया कि इस लीग की असली जान सिर्फ बड़े स्टार्स ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ी भी हैं। जहाँ हार्दिक पंड्या जैसे बड़े नामों ने धमाल मचाया, वहीं लखनऊ के युवा गेंदबाज़ दिग्वेश सिंह राठी ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।
लखनऊ की तूफानी बल्लेबाज़ी
टॉस जीतकर मुंबई ने पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया जो गलत साबित हुआ। Mitchell Marsh (60) ने फिर बल्ले से ज़ोरदार प्रदर्शन किया। Aiden Markram ने भी 53 रनों की एक उम्दा पारी खेली। लखनऊ के consistent बल्लेबाज़ Nicholas Pooran इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 12 के स्कोर पर चलते बने। कप्तान ऋषभ पंत (2) का खराब प्रदर्शन लगातार जारी हैं। Auction में 27 करोड़ में बिका यह खिलाड़ी 27 रन भी नहीं बना पाया हैं। बाद में युवा आयुष बडोनी (30) और विस्फोटक David Miller (27) की पारियों की बदौलत लखनऊ ने 203 रनों का एक challenging स्कोर बनाया।
हार्दिक का गेंद से ज़ोरदार प्रदर्शन
कप्तान हार्दिक पंड्या ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट लिए। उनके अलावा Trent Boult, अश्विनी कुमार और विग्नेश को एक-एक सफलता मिली। हालांकि इस मैच में लगभग हर गेंदबाज़ महंगा साबित हुआ।
सूर्यकुमार और नमन ने दिलाई उम्मीद
204 का पीछा करने उतरी मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही। सिर्फ 17 के स्कोर पर Will Jacks (5) और Ryan Rickelton (10) आऊट हो गए। इसके बाद आए सूर्यकुमार यादव (67) और नमन धीर (46) ने टीम को संभालते हुए 69 रन की अहम साझेदारी की। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए तिलक वर्मा की 23 गेंदों में 25 रनों की पारी के कारण उन्हें retire कर दिया गया जिसकी बहुत चर्चा हुई। हार्दिक पंड्या (28*) ने बल्ले से भी अच्छा खेल दिखाया। हालांकि अंत में game-changer बने दिग्वेश सिंह राठी, जिनके tight spell के कारण मुंबई को 12 रनों से हार का सामना करना पड़ा। Fine लगने के बाद भी एक बार फिर उन्होंने “Notebook Celebration” किया। ये उनका पहला ही IPL season हैं और उन्हें बार-बार ऐसा करने से बचना चाहिए।
दिग्वेश ने पलटा मैच
लखनऊ के गेंदबाज़ों भी महंगे साबित हुए। इनमें से लगभग सभी ने 40 या उससे ज़्यादा लुटाए। सिर्फ दिग्वेश ही थे, जिन्होंने कसी हुई गेंदबाज़ी की। 4 overs में सिर्फ 21 रन देकर उन्होंने नमन धीर का विकेट लिया और इस प्रदर्शन के लिए उन्हें “Man of the Match” का खिताब मिला।
निष्कर्ष
यह मुकाबला पूरी तरह से एक high-scoring thriller रहा, जिसमें दोनों टीमों के बल्लेबाज़ों ने दम दिखाया, लेकिन गेंदबाज़ी में फर्क दिग्वेश ने ही पैदा किया। हार्दिक ने ऑलराउंड प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें दूसरे गेंदबाज़ों का साथ नहीं मिला। वहीं लखनऊ ने एक टीम के तौर पर बेहतर प्रदर्शन किया और एक बड़ा स्कोर defend करते हुए इस सीज़न में एक अहम जीत दर्ज की।