भारत सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए पांच OTT प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन ऐप्स पर लगातार अश्लील सामग्री स्ट्रीम की जा रही थी, जो आईटी नियमों का उल्लंघन है। प्रतिबंध के बाद इन प्लेटफॉर्म्स को भारत में ब्लॉक कर दिया गया है और इन्हें Google Play Store से भी हटा दिया गया है।
किन प्लेटफॉर्म्स पर लगा प्रतिबंध
सरकार की ओर से जिन पांच OTT प्लेटफॉर्म्स को बैन किया गया है उनमें MoodXVIP, Jugnu, Koyal Playpro, Digi Movieplex और Feel शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार इन ऐप्स पर मुख्य रूप से अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा था, जो भारतीय कानून और डिजिटल मीडिया आचार संहिता के खिलाफ है। प्रतिबंध के बाद इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिए गए हैं कि इन प्लेटफॉर्म्स तक भारत में पहुंच पूरी तरह से अवरुद्ध की जाए। साथ ही संबंधित ऐप्स को मोबाइल एप्लीकेशन स्टोर से भी हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
किस कानून के तहत हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई मिनिस्ट्री ऑफ इनफॉर्मेशन और ब्रॉडकास्टिंग की सिफारिश पर की गई है। मंत्रालय ने बताया कि इन प्लेटफॉर्म्स ने इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 की धारा 69ए और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स 2021 का उल्लंघन किया है। इन प्रावधानों के तहत सरकार को ऐसे डिजिटल कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार है जो अश्लील, आपत्तिजनक या सार्वजनिक शालीनता के विरुद्ध हो।
आईटी नियम 2021 के अनुसार डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट मॉडरेशन, शिकायत निवारण तंत्र और आयु वर्ग के अनुसार सामग्री वर्गीकरण जैसे प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। मंत्रालय का कहना है कि संबंधित प्लेटफॉर्म्स ने इन नियमों की अनदेखी की और चेतावनी के बावजूद सुधारात्मक कदम नहीं उठाए।
गूगल प्ले स्टोर से भी हटाए गए ऐप्स
सरकारी निर्देशों के बाद इन ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। इससे नए यूजर्स के लिए इन ऐप्स को डाउनलोड करना संभव नहीं होगा। साथ ही मौजूदा यूजर्स के लिए भी इनकी सेवाएं भारत में बंद कर दी गई हैं।
मंत्रालय ने कहा है कि डिजिटल स्पेस में कानून का पालन सुनिश्चित करना सभी प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है। यदि कोई सेवा प्रदाता भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने अश्लील कंटेंट के खिलाफ कदम उठाया हो। इससे पहले भी कई वेबसाइट्स और OTT प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक सामग्री के कारण ब्लॉक किया जा चुका है। सरकार का तर्क है कि ऑनलाइन माध्यमों पर बढ़ती अश्लील सामग्री युवाओं और बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती पहुंच के बीच कंटेंट रेगुलेशन एक बड़ा मुद्दा बन गया है। सरकार का मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है। इसलिए ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की जाती है।
सरकार का क्या कहना है
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की गई है। संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट और समीक्षा के बाद ब्लॉकिंग आदेश जारी किया गया। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भारतीय कानूनों और नैतिक मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य डिजिटल क्षेत्र में अनुशासन स्थापित करना और नागरिकों विशेषकर बच्चों को आपत्तिजनक सामग्री से बचाना है। मंत्रालय ने अन्य OTT प्लेटफॉर्म्स को भी चेतावनी दी है कि वे अपने कंटेंट की समीक्षा करें और नियमों का सख्ती से पालन करें।
डिजिटल कंटेंट पर बढ़ती निगरानी
भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी और नियमन को लेकर सरकार की सक्रियता भी बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर और अधिक सख्त दिशानिर्देश लागू किए जा सकते हैं।
फिलहाल MoodXVIP और Jugnu समेत पांच OTT प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गया प्रतिबंध यह संकेत देता है कि सरकार डिजिटल स्पेस में अश्लील सामग्री को लेकर किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई हो सकती है। यह कदम डिजिटल दुनिया में जिम्मेदार कंटेंट निर्माण और प्रसारण की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
