Basant Panchami के अवसर पर मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ वाग्देवी का पूजन प्रारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन किया गया और विधिवत पूजा अर्चना संपन्न हुई। यह आयोजन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रशासन की निगरानी में कराया गया। यह रिपोर्ट केवल उपलब्ध तथ्यों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मौके पर मौजूद परिस्थितियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी धार्मिक या वैचारिक पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि घटनाक्रम की निष्पक्ष जानकारी प्रस्तुत करना है।

भोजशाला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
भोजशाला को मध्यकालीन काल का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल परमार वंश के शासक राजा भोज से जुड़ा रहा है, जिन्हें विद्या और ज्ञान का संरक्षक माना जाता है। एक मान्यता के अनुसार यहां पहले वाग्देवी अर्थात सरस्वती की उपासना होती थी और इसे शिक्षण केंद्र के रूप में देखा जाता था।
वहीं मुस्लिम समुदाय के अनुसार इसी परिसर में कमाल मौला मस्जिद और दरगाह स्थित है, जहां लंबे समय से नमाज अदा की जाती रही है। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण भोजशाला वर्षों से विवाद और न्यायिक प्रक्रिया का विषय रही है। वर्तमान में पूजा और नमाज दोनों को लेकर समय और स्थान प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाता है।

एक दिन पहले पूरी हुई थीं तैयारियां
पूजन को लेकर हिंदू पक्ष और प्रशासन की ओर से एक दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। शुक्रवार सुबह वाग्देवी की मूर्ति स्थापित की गई, पांडाल सजाया गया और हवन कुंड में आहुतियां दी गईं। पूजा कार्यक्रम सूर्यास्त तक चलने की संभावना जताई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी
पूरे आयोजन के दौरान भोजशाला परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की भी मौजूदगी सुनिश्चित की गई। भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार दिशा निर्देश जारी किए जाते रहे।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज के लिए परिसर में अलग स्थान निर्धारित किया गया है। इस अवधि में हिंदू पक्ष को परिसर खाली करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था दोनों पक्षों की धार्मिक गतिविधियों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई है।
दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Basant Panchami के अवसर पर भोजशाला में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान शंखनाद और पूजा अर्चना के दृश्य सामने आए। परिसर में हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित की गई है। इधर Basant Panchami के मौके पर धार शहर में हिंदू पक्ष द्वारा शोभायात्रा भी निकाली गई। ढोल नगाड़ों के साथ निकली इस शोभायात्रा में विजय पताकाएं और भगवा ध्वज देखे गए। पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की गई।
प्रशासन का कहना है कि भोजशाला से जुड़ी सभी गतिविधियां न्यायालय के निर्देशों और प्रशासनिक गाइडलाइंस के अनुसार कराई जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक पूरा आयोजन शांतिपूर्ण रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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