बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है। पहली वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। 14 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी, यानी 14 नवंबर को ये तय हो जाएगा कि बिहार में अगली सरकार किसकी बनेगी।
चुनाव के ऐलान के साथ ही टिकटों को लेकर बड़े-बड़े नेताओं के घरों के अंदर-बाहर भारी हलचल देखने को मिल रही है। नेताओं के अलावा इस बार सेलिब्रिटीज खास तौर पर भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से संबंधित लोगों की एक लंबी लिस्ट है जो अलग – अलग पार्टियों से चुनाव लड़ सकते हैं।
बीजेपी में फिर लौट आए पावरस्टार पवन
पवन सिंह पहले भी बीजेपी का हिस्सा रह चुके हैं। बंगाल लोकसभा में उन्होंने बंगाल (आसनसोल) से टिकट मिलने के बाद नाम वापस ले लिया था। अब 16 महीने बाद एक बार फिर उन्होंने बीजपी का दामन थाम लिया है। पवन आरा या काराकाट से चुनाव लड़ सकते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो स्टार प्रचारक जरूर होंगे।
पार्टी में शामिल होने से पहले उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा से मिलकर अपना बिगड़ा हुआ रिश्ता ठीक किया। जानकारी के लिए बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ पवन सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था इस वजह से उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा नुकसान हुआ और वो हार गए थे।
बीजेपी नेताओं से मिली मैथिली ठाकुर
मीठी आवाज़ वाली लोक गायिका मैथिली ठाकुर अब राजनीति के रण में हल्ला बोलने की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने बीजेपी नेता नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मुलाकात की थी। सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा – मौका मिला तो मैं जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हूं। मैथिली को दरभंगा की अलीनगर सीट से टिकट दिया जा सकता है। हालांकि बिहार के किस सीट ये चुनाव लड़ने के सवाल पर मैथिली ठाकुर ने कहा, “मैं अपने गांव के ही क्षेत्र में जाना चाहती हूं। वहां से एक अलग जुड़ाव है। वहां से शुरुआत होती है तो सीखने को मिलेगा। लोगों से मिलना-जुलना, लोगों की बातें सुनना, मुझे ज्यादा समझ में आएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में आती हूं तो मेरा मकसद लोगों की मदद किस तरह से कर पाऊं इस पर पूरा ध्यान रहेगा। मैं हर काम दिल और ईमानदारी से करती हूं।
सिनेमा के बाद अब राजनीति में भी पवन – खेसारी की टसल
कुछ समय पहले ही ‘खेसारी लाल लाल यादव’ अखिलेश यादव से मिले थे। इस मुलाकात के बाद अखिलेश ने कहा था कि खेसारी 2027 के यूपी चुनाव में सपा की मदद करेंगे। हालांकि खेसारी लाल यादव की ओर से अब तक सियासत में आने या चुनाव लड़ने को लेकर कोई बयान नहीं आया है। लेकिन अखिलेश के बयान को इस बात का संकेत माना गया कि खेसारी उनकी मदद से बिहार चुनाव में RJD के टिकट पर मैदान में उतर सकते हैं। अनुमान है कि वो या उनकी पत्नी RJD के लिए चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। खेसारी का लालू यादव के परिवार से पुराना जुड़ाव भी है। वो तेजस्वी को अपना बड़ा भाई भी बताते रहे हैं। अगर वो चुनाव में उतरे तो पवन बनाम खेसारी की बड़ी राईवलरी भोजपुरी सिनेमा से निकलकर बिहार इलेक्शन में भी दिख सकती है।
भोजपुरी ऐक्ट्रेस ‘अक्षरा सिंह’ भी तैयारी में लगी
हाल ही में एक्ट्रेस और सिंगर ‘अक्षरा सिंह’ ने केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह से मुलाकात की एक तस्वीर पोस्ट की थी। उन्होंने इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा- ‘आज माननीय गिरिराज सिंह जी से शिष्टाचार मुलाकात हुई और उनका आशीर्वाद लिया।’ इस मुलाकात के बाद अब अक्षरा सिंह के चुनाव लड़ने की अटकलें सामने आ रही हैं। ऐसी खबरें आने के बाद पवन सिंह और अक्षरा के पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया भले ही दोनों एक ही पार्टी से सम्बंधित है।
प्रशांत किशोर के साथ खड़े सिंगर रितेश पांडे
भोजपुरी एक्टर और सिंगर रितेश पांडे जन सुराज की तरफ से चुनाव लड़ सकते हैं। जन सुराज चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी है। रितेश ने पिछले लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीने बाद भभुआ में अपना कार्यालय खोला था और खुद को गायक नहीं, बिहार का बेटा बताते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।
कॉंग्रेस से पिता का प्रचार या खुद भी लड़ सकती हैं नेहा शर्मा
कई बॉलीवुड फ़िल्मों में नज़र आ चुकी नेहा शर्मा बिहार भागलपुर के दिग्गज कांग्रेस नेता अजीत शर्मा की बेटी हैं। लोकसभा चुनाव में भी कॉंग्रेस नेहा को टिकट देना चाहती थी। लेकिन नेहा ने मना कर दिया और केवल पिता के प्रचार में योगदान दिया था। उनके नाम को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज है।
नीतू चंद्रा भी बना रहीं मन, कॉंग्रेस या JDU में हो सकती हैं शामिल
फिल्म गरम मसाला में अक्षय – जॉन अब्राहम के साथ नज़र आ चुकी अभिनेत्री नीतू चंद्रा भी ये चुनाव लड़ सकती हैं। नीतू कांग्रेस या जेडीयू की टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि ये बात पूरी तरह तय नहीं है।
भोजपुरी गायक लोकसभा चुनाव में पश्चिमी चंपारण सीट से उतरने वाले थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका था। अपनी उसी तम्मना को पूरा करने के लिए वो इस विधानसभा में अपना हाथ आजमा सकते हैं। वो किसी पार्टी के टिकट से लड़ेंगे या निर्दलीय ये अभी तय नहीं है।
