By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
September 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: ये संविधान दिवस और भी ख़ास…संविधान को अपनाए जाने के 75 वर्ष पूरे!
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
Constitution Day Mumbai 1 - The Fourth
India

ये संविधान दिवस और भी ख़ास…संविधान को अपनाए जाने के 75 वर्ष पूरे!

युवा पीढ़ी को संविधान की मूल भावना को समझने की जरूरत है। सिर्फ कानूनी दस्तावेज के बजाय, इसे भविष्य का मार्गदर्शक माना जाना चाहिए।

Last updated: नवम्बर 26, 2024 3:28 अपराह्न
By Rajneesh 2 वर्ष पहले
Share
4 Min Read
SHARE

26 नवंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने देश के संविधान को अपनाया था। हालांकि, यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, लेकिन इस दिन को “संविधान दिवस” के रूप में याद किया जाता है। इसे “राष्ट्रीय कानून दिवस” के नाम से भी जाना जाता था। 2015 में, डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था। इस वर्ष संविधान को अपनाए जाने के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं।

भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इसे बनाने में लगभग 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे। संविधान सभा के 299 सदस्यों ने अपने विचारों और अनुभवों से इसे तैयार किया। इसे अंतिम रूप मिलने से पहले भारतीय संविधान के पहले ड्राफ्ट में करीब 2000 संशोधन किए गए थे। डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिन्हें “संविधान का निर्माता” कहा जाता है, ने ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में इसमें प्रमुख भूमिका निभाई। हालांकि भारत मे बहुत लोगों के मन मे आज भी यह धारणा है कि डॉ. अंबेडकर ने अकेले ही संविधान लिखा। लेकिन सच यह है कि यह सामूहिक प्रयास था। हालांकि, उनके मार्गदर्शन और बौद्धिक दृष्टिकोण ने संविधान को विशिष्टता दी।

भारतीय संविधान को कई देशों के संविधानों से प्रेरणा मिली है। जैसे: ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली,अमेरिका के मौलिक अधिकार और न्यायपालिका की स्वतंत्रता,आयरलैंड के राज्य के नीति निर्देशक तत्व, फ्रांस, जापान, रूस और कनाडा की संघीय प्रणाली ।

संविधान तैयार करने में उस समय लगभग 64 लाख रुपये खर्च हुए थे। यह राशि उस दौर में अत्यधिक मानी जाती थी। हमारा संविधान मशीन पर नहीं, बल्कि हाथ से लिखा गया। इसे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा नामक कैलिग्राफर ने अपनी हस्तलिपि में तैयार किया। इसे देवनागरी और अंग्रेजी दोनों में लिखा गया था। संविधान के अंग्रेजी संस्करण में कुल 117,369 शब्द हैं। यह दर्शाता है कि संविधान कितना विशाल है।

संविधान सभा में 15 महिलाएँ थीं, जिनमें सरोजिनी नायडू, दुर्गाबाई देशमुख, हंसा मेहता, और अन्य ने सक्रिय भूमिका निभाई। यह भारत में महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम था।

संविधान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को संविधान के महत्व, इसके सिद्धांतों और नागरिकों के अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि संविधान न केवल एक दस्तावेज है, बल्कि देश की आत्मा और मूलभूत संरचना है।

भारतीय संविधान अब तक 100 से अधिक बार संशोधित हो चुका है। इसका सबसे चर्चित संशोधन 1976 का 42वां संशोधन था, जिसे आपातकाल के दौरान लागू किया गया। इसे “मिनी संविधान” भी कहा जाता है।

अक्सर यह चर्चा होती है कि नागरिक अपने अधिकारों पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन कर्तव्यों की अनदेखी करते हैं। संविधान दिवस इस असंतुलन को सुधारने का भी एक माध्यम है।

समय-समय पर भारतीय न्यायपालिका ने संविधान के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। “केशवानंद भारती केस” (1973) इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने संविधान के “मूल ढांचे” की अवधारणा को स्थापित किया।

आज के समय में युवा पीढ़ी को संविधान की मूल भावना को समझने की जरूरत है। इसे केवल एक कानूनी दस्तावेज मानने के बजाय, इसे भारत के भविष्य का मार्गदर्शक माना जाना चाहिए।

संविधान दिवस न केवल हमारे महान संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, बल्कि हमारे लोकतंत्र को मजबूत बनाने और इसके सिद्धांतों को आत्मसात करने का भी समय है।

You Might Also Like

Nikita Porwal अब मिस वर्ल्ड 2026 में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

Janmashtami पर मप्र के इन कृष्ण मंदिरों में उमड़ेगी आस्था

Hanuman Ansh के गाने ने बदली सुनील लोधी की जिंदगी

Mahakali में अक्षय खन्ना का रौद्र रूप देख मची हलचल

यश की Toxic में कितना दम, जानें फिल्म का पूरा रिव्यू

TAGGED: 1949, 75 years, constitution day, Dr B.R.Ambedkar, india history, Indian Constitution, indian constitution adoption, longest written constitution, national law day, november 26, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

gaurav vallabh joins bjp 56 - The Fourth
Politics

कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद BJP मुख्यालय पहुंचे !

2 वर्ष पहले

राज संग शादी कर सामंथा ने सबको चौंकाया

छत्तीसगढ़ में CGPSC घोटाले में CBI की रेड !

Gudi Padwa: आज से हिंदू नववर्ष की हो रही शुरुआत !

एक-एक कर मिल रहे मुस्लिम इलाकों से सालों पुराने गुप्त मंदिर

You Might Also Like

drishyam-3-ka-nya-naam-sun-badha-darshako-ka-suspense
Entertainment

Drishyam 3 का नया नाम सुन बढ़ा दर्शकों का सस्पेंस

2 सप्ताह पहले
shravan-ke-aakhri-somvar-pr-shivmay-hua-ujjain-indore
Cities

Shravan के आखिरी सोमवार पर शिवमय हुआ उज्जैन-इंदौर

2 सप्ताह पहले
2030-tak-moon-par-khulenge-naukri-ke-naye-raste
Science

2030 तक Moon पर खुलेंगे नौकरी के नए रास्ते

2 सप्ताह पहले
indore-me-khula-14-d-cinema-wala-virtual-zoo
Cities

Indore में खुला 14-D सिनेमा वाला Virtual Zoo

2 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?