भोपाल। Cancer से महिलाओं की मौत के मामले में मध्यप्रदेश की हालत सबसे खराब है। पिछले साल 11785 महिलाओं की जान गई। इनमें Breast Cancer सहित अलग-अलग तीन-चार बीमारियां वजह बनी हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की रिपोर्ट बता रही है कि पिछले साल Breast Cancer से 7192, सर्विक्स यूटेरी से 2322 और ओवेरियन से 2271 महिलाओं की जान गई। बीते चार-पांच साल से आंकड़ा इसी के आसपास है। सबसे ज्यादा मामले Breast Cancer के ही हैं।
70 फीसद मामलों में जान बचाई जा सकती
जानकारों का कहना है कि अगर सही समय पर पता चल जाए तो 70 फीसद मामलों में जान बचाई जा सकती है। एम्स, भोपाल के आंकड़े बता रहे हैं कि Breast Cancer के 60 फीसद केस तीसरी और चौथी स्टेज पर पता चलते हैं, जबकि पहली स्टेज पर डिटेक्ट होने वाले मरीजों का आंकड़ा 8 फीसद ही है। लगातार जांच, जागरूकता जैसे एहतियात कारगर होते हैं।
कुल मरीजों में करीब 7 फीसद मध्यप्रदेश के
भारत में Breast Cancer की कुल मरीजों में करीब 7 फीसद मध्यप्रदेश के ही हैं। सर्विक्स यूटेरी में 6 फीसद और ओवेरियन में 8 फीसद के आसपास हैं। हैरानी ये भी है कि गांव से ज्यादा मामले शहरों के हैं। दावा ये भी है कि अब कीमोथैरेपी से राहत मिल सकती है। कम समय में होने वाली वन-शॉट थैरेपी अमल में लाई जाएगी। इस नए इलाज के साइड इफेक्ट भी कम हैं।
