मध्य प्रदेश के Dhar शहर में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। कोतवाली थाना क्षेत्र के आनंद चौपाटी इलाके में 35 वर्षीय Software Engineer कुणाल जोशी ने कथित रूप से खुद पर चाकू से हमला कर अपनी जान दे दी। घटना सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने सड़क किनारे खून से लथपथ युवक को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
CCTV फुटेज में सामने आई पूरी सच्चाई
शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था क्योंकि शव के पास चाकू मिला था और आसपास खून फैला हुआ था। लेकिन जब पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की तो पूरी घटना साफ हो गई। फुटेज के अनुसार कुणाल जोशी कुछ देर तक चौराहे पर खड़ा रहा, फिर उसने चाकू निकालकर खुद पर हमला करना शुरू कर दिया। पहले उसने अपनी कलाई की नस काटी और इसके बाद गर्दन पर लगातार वार करता रहा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी वह पास की दुकान के बाहर बैठकर खुद पर हमला करता रहा। अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पिता की देखभाल के लिए छोड़ी थी नौकरी
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक कुणाल जोशी पहले इंदौर की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसका सालाना पैकेज भी काफी अच्छा था। करीब दो साल पहले उसके पिता लकवाग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद कुणाल ने अपनी नौकरी छोड़ दी और Dhar में रहकर उनकी देखभाल करने लगा। परिवार में उसका एक छोटा भाई भी है, जो इंदौर में रहता है।
मानसिक तनाव और शराब की लत की आशंका
Dhar पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुणाल पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था। आसपास के लोगों के अनुसार वह शराब का आदी भी था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
घटनास्थल से चाकू बरामद, जांच जारी
Dhar पुलिस ने घटनास्थल से चाकू बरामद किया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर यह मामला आत्मघाती कदम का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावनाओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
इलाके में दहशत और कई सवाल
इस घटना के बाद आनंद चौपाटी क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। साथ ही यह मामला मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सामाजिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सवाल खड़े करता है।
