मध्यप्रदेश के गुना में दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। यहां बस और डंपर की आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर होते ही बस पलट गई और उसमें आग लग गई है। हादसे में 13 लोग जिंदा जल गए। शव को उठाने में भी अंग गिर रहे थे। बस के अंदर से जो 13 शव निकाले गए, उनमें 7 एक-दूसरे से चिपके थे। इनको बाहर निकालने तक में कर्मचारियों के हाथ कांप रहे थे। शव ऐसे जले कि घरवाले तक नहीं पहचान पाएंगे। अब इसी से अंदाजा लगा सकते है की हादसा कितना भयानक होगा। हालांकि इस घटना में झुलसे 18 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
क्या था पूरा मामला
पूछताछ द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, सिकरवार ट्रेवल्स की बस बुधवार रात 8 बजे गुना से आरोन के लिय रवाना हुई थी। 32 सीटर बस में 50 से ज्यादा यात्री सवार थे। रात करीब 8:30 बजे आरोन रोड पर बजरंगगढ़ में दुहाई मंदिर के पास यह हादसा हुआ। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस और डंपर में टक्कर के बाद बस पलट गई और उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों ने बस के दरवाजे, खिड़की से कूद कर जान बचाई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची, लेकिन तब तक बस भीषण आग की चपेट में थी।
भाजपा नेता की बस, न परमिट न फिटनेस
हादसे का शिकार हुई बस भाजपा नेता की थी और काफी पुरानी थी। वो किस परमिट पर चल रही थी, उसका बीमा या फिटनेस था कि नहीं? गुना कलेक्टर तरुण राठी इन सवालों के जवाब देने से बचते नजर आए। अब बस का फिटनेस या बीमा था की नहीं यह सब सीएम मोहन यादव के जांच के आदेश के बाद सामने आया है।बस नंबर MP-08P-0199का रेकार्ड देखने से पता लगा की बस के पास नहीं परमिट है, और न फिटनस और न ही इंश्योरेंस। 2008 मॉडल की इस बद का फिटनेस 1 सितंबर 2015 को ही खत्म हो गया था।अब इस घटन पर सवाल यह उठता है की आखिर प्रशासन समय के रहते पहले क्यों नहीं जांच और कार्यवाही करती है ? क्या प्रशासन को कोई कार्यवाही करने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार रहता है? इसका जवाब गुना के कलेक्टर और परिवहन विभाग दोनों को ही देना होगा। आखिर कब तक इस तरह की घटना होती रहेगी।
मृतकों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बस दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। CM यादव ने मृतकों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। व साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना के सभी बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस तरह की दुर्घटनाएं दोबारा न हों।