इंदौर। ‘राहुल गांधी’ का नाम ले कर प्रदेश कांग्रेस में जो चालाकी की गई थी, उसकी हवा निकल गई है। संगठन सृजन अभियान के माध्यम से जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। इसमें पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, ओमकार सिंह मरकाम जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इनके पास पहले से जिलों के प्रभार सहित अन्य दायित्व हैं। कांग्रेस सूत्रों की अनुसार संगठन अब इन्हें जिलाध्यक्ष के अलावा अन्य दायित्व से मुक्त करने जा रहा है। इनके स्थान पर 15 दिनों के भीतर नए जिला प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे।
ये हैं दिग्गज
पार्टी ने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भेजकर रायशुमारी कराकर की। इसमें उन नेताओं को भी जिलाध्यक्ष बनाया गया जो कमल नाथ सरकार में मंत्री थे या प्रदेश स्तर पर अन्य दायित्व भी निभा रहे थे। इसमें जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, ओमकार सिंह मरकाम, विक्रांत भूरिया, सिद्धार्थ कुशवाहा, अशोक मर्सकोले, संजय यादव, महेश परमार सहित अन्य शामिल हैं
जिला अध्यक्षों के परामर्श से होंगे सभी काम
कांग्रेस ने तय किया है कि संगठन का कोई भी काम जिलाध्यक्षों के परामर्श से ही होगा। फिर चाहे नियुक्तियों का मामला हो या फिर टिकट वितरण हो। पार्टी द्वारा चलाए जाने वाले सभी अभियानों का जिम्मा भी जिलाध्यक्षों का होगा। वे ही तय करेंगे कि जिले में किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जानी है। बनाए गए हैं। सिद्धार्थ कुशवाहा प्रदेश कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष भी हैं।
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मंशा है कि
15 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान की देंगे रिपोर्ट
प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि जिन जिलों में अध्यक्षों के पास दूसरे दायित्व भी हैं, उन्हें मुक्त किया जाएगा। वोट चोरी अभियान के अंतर्गत हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले को एक लाख हस्ताक्षर कराकर 15 अक्टूबर तक रिपोर्ट देने के लिए कहा है ताकि इसे केंद्रीय संगठन को भेजा जा सके। जिलाध्यक्ष पूरी तरह से जिले में सक्रिय रहें ताकि संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त किया जा सके, इसलिए उन जिलों में नए प्रभारी बनाए जा रहे हैं, जहां के अध्यक्षों के पास दूसरे प्रभार भी हैं।
