By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
June 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: आज की तारीख – 23: भारतीय सेना, मुक्ति बाहिनी और बांग्लादेश की आज़ादी का मिशन!
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
1619629502 62568e78 1a04 4735 a8ec e34d3e9bfa5c - The Fourth
Fourth Special

आज की तारीख – 23: भारतीय सेना, मुक्ति बाहिनी और बांग्लादेश की आज़ादी का मिशन!

1971 के उस युद्ध में लगभग 30 लाख लोग मारे गए और करोड़ों लोग बेघर हुए। लेकिन इस संघर्ष के बाद बांग्लादेश का जन्म हुआ।

Last updated: नवम्बर 21, 2024 1:36 अपराह्न
By Rajneesh 2 वर्ष पहले
Share
4 Min Read
SHARE

1947 में भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान दो हिस्सों में बंटा, पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) और पश्चिमी पाकिस्तान। दोनों हिस्सों के बीच केवल भौगोलिक दूरी ही नहीं, सांस्कृतिक और भाषाई अंतर भी था।

1970 में, पाकिस्तान के आम चुनावों में शेख मुजीबुर रहमान की पार्टी अवामी लीग ने बहुमत हासिल किया। शेख मुजीब ने स्वायत्तता की मांग की, लेकिन पश्चिमी पाकिस्तान की सत्ता (ज़ुल्फिकार अली भुट्टो और सेना) इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं थी।

25 मार्च 1971 की रात, पाकिस्तानी सेना ने जब ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ चलाया। तब ढाका में भीषण नरसंहार हुआ। यह घटना बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की शुरुआत थी।

पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के कारण लाखों शरणार्थी भारत में आ गए। पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम जैसे राज्यों पर इसका भारी बोझ पड़ा। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस समस्या का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने का प्रयास किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों से हस्तक्षेप की अपील की।

इस बीच, पूर्वी पाकिस्तान के स्वतंत्रता संग्राम के लिए ‘मुक्ति बाहिनी’ का गठन हुआ। मुक्ति बाहिनी पूर्वी पाकिस्तान के स्वतंत्रता सेनानियों का समूह था, जिसे भारतीय सेना ने रणनीतिक और सैन्य सहायता प्रदान की।

21 नवंबर 1971 को भारतीय सेना और मुक्ति बाहिनी ने एक संयुक्त कमान के तहत हमला किया। इसे ‘ऑपरेशन ट्रायडेंट ‘कहा गया। इस संयुक्त बल ने पश्चिमी पाकिस्तान की सेना को कई मोर्चों पर हराया।

फिर पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत के 11 हवाई अड्डों पर हमला किया। यह भारत के खिलाफ युद्ध की आधिकारिक शुरुआत थी। भारत ने तत्काल जवाब दिया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए युद्ध का एलान किया। 4-8 दिसंबर 1971 तक भारतीय नौसेना ने कराची के पास ऑपरेशन ट्राइडेंट और ऑपरेशन पायथन चलाया। पाकिस्तानी नौसेना को भारी नुकसान हुआ। 10 दिसंबर 1971 तक भारतीय सेना ने पूर्वी पाकिस्तान के प्रमुख शहरों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। बांग्लादेश के नागरिकों और मुक्ति बाहिनी ने भारतीय सेना के साथ मिलकर पाकिस्तानी सेना को हराने में सहयोग किया। अखिरकार 14 दिसंबर 1971 को ढाका पर कब्जा करने के लिए अंतिम हमला शुरू हुआ। इस दिन को बांग्लादेश की आजादी की दिशा में निर्णायक माना जाता है।

16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के जनरल ए.ए.के. नियाजी ने ढाका में भारतीय सेना के जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण किया। उनके साथ लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था।

भारतीय सेना के चीफ ऑफ स्टाफ फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने कुशल नेतृत्व दिखाया। उनके योजनाबद्ध रणनीति ने भारत को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई।

1971 के उस युद्ध में लगभग 30 लाख लोग मारे गए और करोड़ों लोग बेघर हुए। लेकिन इस संघर्ष के बाद बांग्लादेश का जन्म हुआ। यह केवल भूगोल का बदलाव नहीं था; यह मानवीय गरिमा और न्याय की जीत थी।

बांग्लादेश आज एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारतीय उपमहाद्वीप का अभिन्न हिस्सा है। इस युद्ध ने भारत और बांग्लादेश के संबंधों को मजबूत किया था।

You Might Also Like

Brown में दिखा करिश्मा कपूर का सबसे अलग अवतार

World Environment Day 2026 क्यों पूरी दुनिया के लिए अहम है

Indore में मासूम की माैत, परिवार ने गलत इलाज का आरोप लगाया

Indore में पानी चारी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा रहे

मध्यप्रदेश में मंदिरों के लिए ‘Temple-Bond’

TAGGED: 1971 war, bangladesh freedom, bangladesh liberation, bangladesh war of independence, dhaka attack, Indian army, indo pak war, muktibhahini, operation python, operation trident, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

WhatsApp Image 2025 01 28 at 5.42.34 PM - The Fourth
India

कोटा: सपनों के शहर में छात्रों पर बढ़ता दबाव और टूटते हौसले

1 वर्ष पहले

कोरोना के बाद क्या अब बारी है FLiRT वायरस की ?

Madhya Pradesh में अतिथि शिक्षक भर्ती 2 मई से शुरू, पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

दोहरा हत्याकांड के दोनों आरोपी गिरफ्तार, बोले अश्लील वीडियो बनाकर कर रहा था ब्लैकमेल

झोपड़ी से निकल कर बंगले में पहुंच गई हॉकी की “खुशबू”

You Might Also Like

uttarakhand-me-fir-khila-valley-of-flowers-ka-saundarya
Fourth Special

उत्तराखंड में फिर खिला Valley of Flowers का सौंदर्य

2 दिन पहले
IIT-baba-adikarta-narayan-shoshan-ke-case-me-giraftar
National

IIT बाबा आदिकर्ता नारायण शोषण केस में गिरफ्तार

2 दिन पहले
IMG 20260601 WA0004 - The Fourth
India

केदारनाथ मंदिर के दान के पैसों से VIP की खातिरदारी, हंगामा

4 दिन पहले
Harmanpreet-kaur-ne-kaise-tay-kiya-Padma-Shri-tak-ka-safar
National

हरमनप्रीत कौर ने कैसे तय किया Padma Shri तक का सफर

2 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?