रीवा। मध्यप्रदेश में जहरीले कफ-सिरप से दो दर्जन बच्चों की मौत पर हंगामा चल ही रहा है और रीवा से कफ-सिरप की तस्करी का खुलासा हुआ है। एंबुलेंस से जहरीले कफ-सिरप की सप्लाई की जा रही थी। नितिन द्विवेदी उर्फ मंकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को चकमा देकर एंबुलेंस से माल भेज रहा था। स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का इलाका होने के कारण कांग्रेस, सरकार को घेर रही है। रीवा में 7 ठिकानों पर दबिश की तैयारी है। अवैध कफ-सिरप की सप्लाई का शक है।
रंगनाथन को छिंदवाड़ा ला रही एसआइटी
सिरप कंपनी के मालिक गोविंदन रंगनाथन को छिंदवाड़ा लाया जा रहा है। एसआइटी की दो गाडिय़ां नागपुर के बाहरी इलाके में रुकी थीं। रंगनाथन की सुरक्षा को खतरा बताया जा रहा है। परासिया के कोर्ट में पेशी होना है। स्थानीय लोगों के अलावा वकील भी गुस्से में हैं। कहा जा रहा है कि किसी और कोर्ट में पेश करेंगे।
यूपी से आती है… खेप
रीवा, यूपी से लगा इलाका है। यूपी में कोरेक्स बैन नहीं है। वहीं से खेप सीधे रीवा पहुंचती है। बनारस गढ़ है। सुबह चार बजे चौराहों पर गाडिय़ां लग जाती हैं और फिर माल सतना, सीधी और पन्ना सहित आसपास के इलाकों में पहुंच जाता है। पहले भी पोल खुल चुकी है, लेकिन कभी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। पूरा विंध्य ही सिरप के नशे में डूबा है। हालत ये है कि शादी-ब्याव तक में परोसी जा रही है। गांव-गांव में बिक रही है।
