भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया है कि कई शिकायतें मिलती हैं… निजी अस्पताल Caesarean Delivery का दबाव बनाते हैं। इस पर रोक लगना चाहिए। 108 एंबुलेंस का स्टाफ भी मरीजों को निजी अस्पताल ले जाता है। सेटिंग का आरोप लगता है। अधिकारियों को इस पर रोक लगाना चाहिए। सेहत अमले की बैठक में अधिकारियों को चेताया कि कोई भी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आयुष्मान योजना पर भी बोले
जिन अस्पतालों में आयुष्मान योजना वाला इलाज नहीं चल रहा है, वहां भी शुरू किया जाए। प्रायवेट डॉक्टरों को सरकारी अस्पताल जाकर भी इलाज करना चाहिए। सरकार मानदेय देगी। महिला-बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि गांव में डिलीवरी वाली महिलाओं का खास ध्यान रखें। ड्यू डेट के चार दिन पहले से अस्पताल में ठहरने के लिए वार्ड तय किए जाएं। वहां खास नजर रखें, जहां अस्पताल तक पहुंचने वाले रास्ते कठीन हैं।
सभी जिले के कलेक्टर को चेताया
सीएम ने सभी जिलों के कलेक्टर को कहा है कि समय-समय पर अस्पताल जाकर देखते रहें। सरकारी अस्पताल में 80 हजार से ज्यादा कार्डियक सर्जरी पर सीएम ने अस्पतालों को सराहा है। यह कामयाबी राज्य के सेहत-इंतजाम की मजबूती दिखाती है।
