आपराधिक मानसिकता का व्यक्ती को आप स्वर्ग ही क्यूँ न भेज दे वो वहाँ भी हैवानों वालेे ही कार्य करेगा। इसी बात का एक उदाहरण रायपुर से सामने आया। IIIT रायपुर जैसे बड़े संस्थान से एक शर्मनाक केस सामने आया है। वहां इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभाग के एक छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके कॉलेज की 36 छात्राओं की 1000 अश्लील तस्वीरें बना डालीं।
बिलासपुर जिले का रहने वाला आरोपी ‘सैय्यद रहीम’ घटना सामने आने के बाद से फरार था। उसे बिलासपुर से ही गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कॉलेज के इवेंट्स के दौरान छात्राओं की तस्वीरें खींचता था। या फिर छात्राओं के इंस्टाग्राम, फेसबुक और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्रोफाइल पिक्चर्स डाउनलोड कर लेता था। इसके बाद वह इन तस्वीरों को AI टूल के माध्यम से अश्लील तस्वीरों में बदल देता था। पुलिस ने आरोपी छात्र का लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें ये 1000 अश्लील तस्वीरें मिली हैं।
आरोपी के ख़िलाफ 36 छात्राओं ने शिकायत की थी। शिकायत जब मीडिया में पहुंची तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया। उन्होंने रायपुर पुलिस को तत्काल कार्रवाई और सख्त जांच के निर्देश दिए। इसके बाद सायबर सेल की मदद से आरोपी छात्र की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार किया गया। ASP दौलतराम पोर्ते ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद संस्थान प्रशासन ने छात्र को सस्पेंड कर उसके परिजनों को बुलाया। उन्हें घटना की जानकारी देकर छात्र को तुरंत हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, मामले की गहन जांच के लिए महिला स्टाफ की एक विशेष कमेटी गठित की गई है, जो तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
खुलासा होने के बाद पीड़िताओं ने गहरी चिंता जताई है कि मॉर्फ्ड कंटेंट ऑनलाइन लीक या बेचा जा सकता है, जिससे उनकी प्राइवेसी को नुकसान हो सकता है। उन्होंने साइबर पुलिस से जांच करने और आरोपी के डिवाइस और क्लाउड अकाउंट्स से सभी आपत्तिजनक डेटा को स्थायी रूप से हटाने की मांग की है।
छात्राओं ने राखी थाना में दी गई शिकायत में बताया कि कॉलेज के एक छात्र ने AI का दुरुपयोग करते हुए उनकी तस्वीरों को मॉर्फ कर आपत्तिजनक रूप दे दिया। उनका कहना था कि आरोपी ने लगभग 36 छात्राओं की फोटो को एडिट कर डिजिटल रूप से तैयार किया, जो उनके लिए मानसिक उत्पीड़न का कारण बनीं। इसके बाद थाना राखी में BNS कई धारा और IT एक्ट के तहत मामला रजिस्टर किया गया।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया और AI के खतरनाक पहलू की ओर अपना ध्यान खींचा है। राज्य और केन्द्र की IT मिनिस्ट्री को AI पर लगाने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए।
