By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
March 7, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: वो पुराने दिन : लौह पुरुष सरदार पटेल की निर्णायक पुलिस कार्रवाई और हैदराबाद का विलय
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
WhatsApp Image 2025 09 13 at 4.53.21 PM - The Fourth
Fourth Special

वो पुराने दिन : लौह पुरुष सरदार पटेल की निर्णायक पुलिस कार्रवाई और हैदराबाद का विलय

हैदराबाद पर निज़ाम मीर उस्मान अली ख़ान का शासन था

Last updated: सितम्बर 13, 2025 5:20 अपराह्न
By Rajneesh 6 महीना पहले
Share
4 Min Read
SHARE

सितंबर 1947 में भारत आज़ाद हुआ तो लगभग साढ़े पाँच सौ रियासतों के सामने यह विकल्प रखा गया कि वे या तो भारत में मिलें या पाकिस्तान के साथ जाएँ। ज़्यादातर रियासतें धीरे-धीरे भारत का हिस्सा बन गईं, लेकिन कुछ ने अलग रास्ता अपनाने की कोशिश की। इनमें सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण थी हैदराबाद रियासत।

हैदराबाद पर निज़ाम मीर उस्मान अली ख़ान का शासन था। यहाँ की आबादी का अधिकांश हिस्सा हिंदू था, लेकिन सत्ता पूरी तरह निज़ाम और उनकी समर्थक ताक़तों के हाथ में थी। निज़ाम भारत या पाकिस्तान किसी में भी शामिल होने को तैयार नहीं थे। उन्होंने हैदराबाद को एक स्वतंत्र देश घोषित करने का मन बना लिया था। इस बीच उन्होंने भारतीय मुद्रा पर रोक लगाई, विदेशों से हथियार मँगवाने की कोशिश की और अपने शासन के विरोध को कुचलने लगे।

इस माहौल में क़ासिम रिज़वी की अगुवाई में बना संगठन मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन और उसकी सशस्त्र टुकड़ी रज़ाकारों का आतंक बढ़ता गया। रज़ाकार हिंसा और लूटपाट पर उतारू हो गए। उन्होंने न सिर्फ़ हिंदुओं पर बल्कि उन मुसलमानों पर भी जुल्म ढाए जो भारत में विलय के पक्षधर थे। गाँवों में विद्रोह भड़क उठा, खासकर तेलंगाना के किसान आंदोलन ने निज़ाम की नींव हिला दी। उधर निज़ाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र तक अपील करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई बड़ी सफलता नहीं मिली।

भारत सरकार लगातार बातचीत के ज़रिये समस्या का हल ढूँढ़ना चाहती थी। लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। आखिरकार गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने यह तय कर लिया कि केवल बातचीत से हैदराबाद का भारत में विलय संभव नहीं है। 13 सितंबर 1948 को भारतीय सेना ने “ऑपरेशन पोलो” के नाम से प्रसिद्ध कार्रवाई शुरू की। इस सैन्य अभियान को पुलिस एक्शन कहा गया। भारतीय सेना ने पाँच दिशाओं से हैदराबाद पर हमला बोला।

निज़ाम की सेना और रज़ाकार ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाए। केवल पाँच दिन में ही हैदराबाद की हार तय हो गई। 17 सितंबर 1948 को निज़ाम ने आत्मसमर्पण कर दिया और भारत में विलय स्वीकार कर लिया। इसके बाद सरदार पटेल ने निज़ाम को हटाने के बजाय उन्हें ही राज्यपाल यानी राजप्रमुख का औपचारिक दर्जा दे दिया। प्रशासनिक व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने लगी और जनवरी 1950 तक नागरिक शासन बहाल हो गया।

हालाँकि इस पूरी प्रक्रिया के बाद का समय आसान नहीं था। जगह-जगह साम्प्रदायिक हिंसा हुई, खासकर मराठवाड़ा और कर्नाटक के क्षेत्रों में। स्वतंत्र जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार बीसियों हज़ार लोग इस हिंसा की भेंट चढ़े। फिर भी यह कार्रवाई भारतीय संघ की एकता और अखंडता के लिए बेहद ज़रूरी थी।

हैदराबाद के भारत में विलय ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरदार पटेल के नेतृत्व में भारत किसी भी आंतरिक चुनौती के सामने झुकने वाला नहीं है। इस घटना ने केवल एक रियासत के अलगाववाद को समाप्त नहीं किया, बल्कि पूरे देश को यह संदेश दिया कि आज़ाद भारत की सीमाओं के भीतर किसी तरह का स्वतंत्र या सांप्रदायिक राज्य बनाना संभव नहीं है।

13 से 17 सितंबर 1948 तक चले इस अभियान ने इतिहास में यह दर्ज कर दिया कि “लौहपुरुष” कहलाने वाले सरदार पटेल ने किस दृढ़ता और संकल्प से बिखरे हुए भारत को एक मज़बूत राष्ट्र में बदलने का काम किया।

You Might Also Like

सरकार ने महापौर निधि पर लगाई रोक, Nagar Nigam Budget में नहीं होगा प्रावधान

Indore की रंग पंचमी गैर पर इस बार हाईटेक सुरक्षा

Gwalior में हाइवे पर कार को डेढ़ किमी तक घसीटता रहा कंटेनर

Ayatollah Ali Khamenei: इस्लामिक क्रांति से सुप्रीम लीडर तक

Khamenei की मौत के बाद Iran में सत्ता परिवर्तन

TAGGED: Hyderabad, hyderabad 1948, india history, indian independence, operation polo, sardar vallabhbhai patel, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

mpbreaking08476498 750x430 1 - The Fourth
India

देश का सबसे बड़ा एयर शो मध्यप्रदेश के भोपाल के बड़े तालाब पर

2 वर्ष पहले

भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश,और श्रीलंका इन चार टीमों के बीच होगा मुकाबला

चुनाव के मौसम मे केदारनाथ क्यों जा रहीं उमा भारती

दिल्ली में फिर दोस्ती को शर्मसार करने वाली वारदात

चीन ने बनाया ‘SUPER WEAPON’, क्या है ड्रैगन के असल इरादे?

You Might Also Like

Dubai में शुरू हो रही है Uber की उड़ने वाली टैक्सी सेवा
World

Dubai में शुरू हो रही है Uber की उड़ने वाली टैक्सी सेवा

7 दिन पहले
बधाई हो! Botswana से आए 9 नए चीते, भारत में अब कुल 48 चीते
Cities

बधाई हो! Botswana से आए 9 नए चीते, भारत में अब कुल 48 चीते

7 दिन पहले
Rewa : वर्दी में वायरल रील ने पुलिस ट्रेनीज़ को दिलाई ‘कारण बताओ’ नोटिस
Cities

Rewa : वर्दी में वायरल रील ने पुलिस ट्रेनीज़ को दिलाई ‘कारण बताओ’ नोटिस

7 दिन पहले
Bolivia में सैन्य विमान हादसा, सड़क पर बिखरे नोटों के बीच 15 की मौत
World

Bolivia में सैन्य विमान हादसा, सड़क पर बिखरे नोटों के बीच 15 की मौत

7 दिन पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?