लंबे वक्त से सुर्खियों में चल रहे Waqf Amendment Bill को गुरुवार सुबह 2 बजे लोकसभा में पास कर दिया गया हैं। इसके पक्ष में 288 तो खिलाफ में 232 वोट पड़े। आज गुरुवार को राज्यसभा में इस Bill पर चर्चा शुरू हो चुकी हैं। एक नज़र इस Bill पर और जानिए क्या क्या बदलाव हुए हैं?
Waqf संपत्तियों का दान केवल मुस्लिमों के लिए सीमित
पहले Waqf Act, 1995 के तहत कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, अपनी संपत्ति Waqf के रूप में दान कर सकता था। इसका मतलब यह था कि हिंदू, सिख, ईसाई या किसी अन्य धर्म के लोग भी इस अधिनियम के तहत किसी धार्मिक उद्देश्य के लिए अपनी संपत्ति दान कर सकते थे। हालांकि Waqf Amendment Bill, 2025 के तहत अब केवल मुस्लिम व्यक्ति ही Waqf के तहत संपत्ति दान कर सकता है। इसका मतलब यह है कि अब गैर-मुस्लिम व्यक्ति Waqf के तहत अपनी संपत्ति register नहीं करवा पाएंगे।
Waqf Board की मनमर्जी खत्म, धारा 40 हटाई गई
Waqf Act, 1995 की धारा 40 के तहत Waqf Board को ये अधिकार प्राप्त था कि यदि उसे लगता की कोई संपत्ति Waqf की हैं, तो वो उसे Waqf घोषित कर सकता था। बाद में संपत्ति मालिक को Waqf Board के सामने ये साबित करना पड़ता था कि वो संपत्ति Waqf की नहीं हैं। अब नए Waqf Amendment Bill, 2025 में धारा 40 को पूरी तरह से हटा दिया गया है। इसका मकसद यह है कि अब Waqf Board किसी भी संपत्ति को Waqf घोषित करने के लिए मनमाने ढंग से दावा नहीं कर सकेगा।
Waqf Board में गैर-मुस्लिम और महिलाओं की भागीदारी
पहले Waqf Act,1995 के तहत Central Waqf Council में सिर्फ मुस्लिम सदस्य ही होते थे, मगर नए Amendment के तहत अब से दो गैर-मुस्लिम लोग भी Board में शामिल होंगे। 2 मुस्लिम महिलाएं भी अब से इसका हिस्सा होंगी। हालांकि Waqf Board के अध्यक्ष मुस्लिम ही रहेंगे।
Waqf संपत्तियों की बिक्री-गिरवी पर रोक
अब से कोई Waqf संपत्ति तब तक बेची, गिरवी या lease पर नहीं दी जा सकेगी, जब तक सरकार इसकी अनुमति नहीं देती। इसका मकसद Waqf संपत्तियों की सुरक्षा और उनके गलत इस्तेमाल को रोकना हैं। यदि कोई व्यक्ति Waqf संपत्ति पर गलत तरीके से कब्ज़ा करता हैं तो उसके खिलाफ सख़्त कारवाई की जाएगी। इससे Waqf संपत्तियों को हड़पने और अवैध रूप से बेचने की घटनाओं पर रोक लगेगी।
Waqf संपत्तियों के विवादों के लिए Tribunal
Waqf संपत्तियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक Tribunal बनाया जाएगा, जो इनके विवादों, अवैध कब्ज़ों, और इनके गलत इस्तेमाल से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगा। Waqf से जुड़े मुकदमों को तेजी से निपटाने के लिए एक निश्चित time-limit तय की जाएगी। इससे Waqf मामलों में लंबे समय तक चलने वाले कानूनी विवादों को रोका जा सकेगा। Waqf संपत्तियों से जुड़े कानूनी विवादों का समाधान जल्दी होगा और पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय मिलेगा। कोर्ट में सालों तक चलने वाले मुकदमों की संख्या कम होगी और विवादों को जल्द निपटाया जाएगा।
निष्कर्ष
जैसा कि हम सभी जानते हैं, लोकसभा में ये Bill पास हो चुका हैं। राज्यसभा में भी इसपर चर्चा शुरू हो चुकी हैं। यदि संख्याबल की बात करें तो 245 सदस्यों की सभा में बहुमत के लिए 119 सांसदों का समर्थन ज़रूरी हैं। इस वक्त NDA के पास 125 सांसदों का समर्थन हैं। इससे यह साफ होता है कि राज्यसभा में भी इस Bill के पास होने की मज़बूत संभावना है।