By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
July 22, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: विनोद कुमार शुक्ल को मिला ज्ञानपीठ…शुक्ल एक धुंधला प्रकाश जिसे हमने बहुत देर बाद देखा!
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
WhatsApp Image 2025 03 29 at 11.34.51 AM - The Fourth
India

विनोद कुमार शुक्ल को मिला ज्ञानपीठ…शुक्ल एक धुंधला प्रकाश जिसे हमने बहुत देर बाद देखा!

उनका गद्य किसी चुपचाप बहती नदी की तरह है

Last updated: मार्च 29, 2025 11:38 पूर्वाह्न
By Rajneesh 1 वर्ष पहले
Share
4 Min Read
SHARE

शब्दों की नदी में जब भी कोई अदृश्य किनारा खोजता है, तब विनोद कुमार शुक्ल की कविताएँ और कहानियाँ किसी अनाम मसीहा की तरह आगे बढ़कर उसे सहारा देती हैं। उनका लेखन धूप में टहलते हुए अचानक किसी छाँव के टुकड़े से मिलने जैसा है…सहज, अनमोल, और विलक्षण।

छत्तीसगढ़ की सोंधी मिट्टी से जन्मे इस साहित्यकार ने अपने लेखन में वही सौंधापन और आत्मीयता बनाए रखी। वे अपने शब्दों को सँवारते नहीं थे, बल्कि उन्हें अपने कच्चेपन में ही छोड़ देते थे, ताकि वे पाठकों के मन में अपनी जड़ें खुद ही जमाएँ। ‘नौकर की कमीज’ हो या ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’, विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास किसी कोलाहल भरे समय में मौन की अनुगूँज की तरह हमारे भीतर उतरते हैं।

उनका गद्य किसी चुपचाप बहती नदी की तरह है। जिसका प्रवाह इतना कोमल और मंथर है कि वह एक अलग ही दुनिया रच देता है। उस दुनिया में रोज़मर्रा की ज़िंदगी की मामूली घटनाएँ असामान्य हो उठती हैं और पाठक खुद को उसी जीवन की धूप-छाँव में चलते हुए महसूस करता है। विनोद कुमार शुक्ल ने अपने पात्रों को किसी महाकाव्य की भव्यता नहीं दी, बल्कि उन्हें आमजन की सादगी में बसने दिया। शायद इसी वजह से उनका लेखन पढ़ने के बाद हम ख़ुद को उनके पात्रों में देख पाते है। एक दार्शनिक के बिना कहे दर्शन की तरह।

उनकी कविता भी गद्य से अलग नहीं, बल्कि उसी की एक मद्धम प्रतिध्वनि है। वे उन थोड़े से कवियों में से हैं जो कविता को जीवन से अलग नहीं करते, बल्कि उसमें जीवन को गूँथते हैं। उनकी कविताएँ छोटी-छोटी बातों को इतना बड़ा कर देती हैं कि वे किसी गूढ़ दर्शन की तरह लगने लगती हैं। उनका लिखा हर शब्द जैसे किसी अनकही अनुभूति की दरारों से झाँकता हुआ महसूस होता है।

ज्ञानपीठ पुरस्कार का मिलना इस बात की गवाही देता है कि भारतीय साहित्य ने अंततः उनके शब्दों की गरिमा को पहचाना है। यह सम्मान उनके लिए शायद वैसा ही है जैसे किसी लंबे सफ़र के बाद किसी राहगीर को एक छाँहदार वृक्ष मिल जाए। लेकिन सच्चाई यह भी है कि उनके शब्द इस सम्मान से बहुत पहले ही पाठकों के दिलों में अमर हो चुके थे।

विनोद कुमार शुक्ल ने हमें सिखाया कि साधारणता में भी एक असाधारण सौंदर्य छुपा होता है। उन्होंने यह दिखाया कि कैसे सबसे साधारण बातें भी कविता बन सकती हैं और कैसे सबसे मामूली ज़िंदगियाँ भी असाधारण कहानियाँ कह सकती हैं। वे हमें यह भी सिखाते हैं कि साहित्य कोई शोर नहीं, बल्कि एक धीमी बातचीत है, जिसे दुनिया अगर ध्यान से सुने तो बहुत कुछ समझ सकती है।

आज जब वे इस ऊँचाई पर खड़े हैं, तब भी उनके शब्द उसी धरती से जुड़े हुए हैं जहाँ उन्होंने लिखना शुरू किया था। वे हमें हमेशा याद दिलाते रहेंगे कि सबसे खूबसूरत साहित्य वही होता है जो जीवन के बिल्कुल करीब होता है…बिना किसी आडंबर के, बिना किसी बनावटीपन के।

ज्ञानपीठ पुरस्कार सिर्फ एक औपचारिकता भर है, असली सम्मान तो वे हर उस पाठक की आँखों में पा चुके हैं, जो उनकी किताबें पढ़ते-पढ़ते खुद को उनमें ढूँढ लेता है।

You Might Also Like

Bhopal में 25 जुलाई से शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस सेवा

Indore में किसानों की ट्रैक्टर रैली पर पुलिस कार्रवाई

IRCTC ने आसान की तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया

Indore में स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों पर बवाल

Jagannath Rath Yatra 2026 आज से शुरू हुई आस्था की सबसे भव्य यात्रा

TAGGED: chhattisgarh, hindi literature, indian literature, Jnanpith Award, thefourth, thefourthindia, Vinod Kumar Shukla
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

air india - The Fourth
India

सामने आया एयर इंडिया के A350 का FIRST LOOK

3 वर्ष पहले

आइए जानते है क्या है महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त!

अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा करेगा इजराइली एंटी-ड्रोन सिस्टम !

क्या 15 साल बाद आज सौम्या को मिलेगा इंसाफ, कोर्ट सुनाएगा फैसला

Indore और Bhopal Collector के पास कोई संपत्ति नहीं

You Might Also Like

Gupta-Navratri-ke-pehle-din-shuru-hoti-hai-10-mahavidyao-ki-sadhna
Religion

Gupta Navratri के पहले दिन से शुरू होती है दशमहाविद्याओं की साधना

7 दिन पहले
Indore-me-15-din-se-chatro-ka-aandolan-jari
Cities

Indore में 15 दिन से छात्रों का आंदोलन जारी

7 दिन पहले
MP-ke-4-khiladio-ka-Hockey-me-bada-chayan
Sports

एमपी के 4 खिलाड़ियों का Hockey में बड़ा चयन

7 दिन पहले
Sawan-me-Mahakal-ki-nayi-aarti-vyavastha-lagu
Religion

सावन में Mahakal की नई आरती व्यवस्था लागू

7 दिन पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?