By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
March 14, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: 12 हजार फीट की ऊंचाई पर भगवान कृष्ण का अनोखा धाम, हिमालय में छिपा युल्ला कांडा मंदिर
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
12 हजार फीट की ऊंचाई पर भगवान कृष्ण का अनोखा धाम, हिमालय में छिपा युल्ला कांडा मंदिर
India

12 हजार फीट की ऊंचाई पर भगवान कृष्ण का अनोखा धाम, हिमालय में छिपा युल्ला कांडा मंदिर

हिमालय में आस्था का अद्भुत केंद्र

Last updated: मार्च 14, 2026 4:42 अपराह्न
By Divisha 2 दिन पहले
Share
6 Min Read
SHARE

भारत को मंदिरों की भूमि कहा जाता है और यहां हर देवता के हजारों प्राचीन मंदिर मौजूद हैं। इन्हीं में से एक बेहद खास मंदिर हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित युल्ला कांडा मंदिर है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है और समुद्र तल से लगभग 12000 फीट की ऊंचाई पर स्थित माना जाता है। इसी कारण इसे दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित कृष्ण मंदिर कहा जाता है।

हिमालय की बर्फीली पहाड़ियों और हरे घास के मैदानों के बीच मौजूद यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस स्थान को आध्यात्मिक शांति और रोमांच दोनों का अनूठा संगम मानते हैं।

युल्ला कांडा मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यह एक छोटी प्राकृतिक झील के बीच स्थित है। झील के बीच बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पहाड़ों के कठिन रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। ऊंचाई और दुर्गम रास्तों के कारण यहां पहुंचना आसान नहीं होता लेकिन फिर भी हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

महाभारत काल से जुड़ी मानी जाती है मान्यता

स्थानीय लोगों के बीच युल्ला कांडा मंदिर को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। मान्यता है कि महाभारत काल में जब पांडव अज्ञातवास के दौरान हिमालय की ओर आए थे तब उन्होंने इस स्थान पर कुछ समय बिताया था। कहा जाता है कि उसी दौरान इस झील का निर्माण हुआ और यहां भगवान कृष्ण की पूजा की परंपरा शुरू हुई।

इतिहासकारों के अनुसार मंदिर का वर्तमान स्वरूप बाद के समय में बनाया गया। माना जाता है कि बुशहर रियासत के एक राजा ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था और यहां नियमित पूजा और धार्मिक आयोजन शुरू करवाए थे। इसके बाद से यह स्थान स्थानीय लोगों के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन गया।

झील में टोपी बहाने की अनोखी परंपरा

युल्ला कांडा मंदिर की एक अनोखी परंपरा भी काफी प्रसिद्ध है। यहां आने वाले श्रद्धालु झील में किन्नौरी टोपी डालकर अपनी किस्मत का अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं।
स्थानीय परंपरा के अनुसार श्रद्धालु अपनी टोपी को उल्टा करके झील में छोड़ते हैं। माना जाता है कि अगर टोपी झील में तैरते हुए दूसरी ओर पहुंच जाती है तो आने वाला समय शुभ माना जाता है। वहीं अगर टोपी बीच में ही डूब जाए तो इसे अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। यह परंपरा वर्षों से यहां निभाई जा रही है और जन्माष्टमी के समय आने वाले श्रद्धालु इस अनुष्ठान को खास महत्व देते हैं।

मंदिर तक पहुंचने के लिए करनी पड़ती है कठिन ट्रेकिंग

युल्ला कांडा मंदिर तक पहुंचना किसी रोमांचक यात्रा से कम नहीं है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 12 से 14 किलोमीटर तक पहाड़ी रास्तों पर ट्रेक करना पड़ता है।
यह ट्रेक किन्नौर जिले के युल्ला गांव से शुरू होता है और घने जंगलों, पहाड़ी ढलानों और बर्फ से ढके रास्तों से होकर गुजरता है।

रास्ता कठिन होने के बावजूद ट्रेक के दौरान दिखाई देने वाले हिमालय के खूबसूरत दृश्य यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
ऊंचाई अधिक होने के कारण सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है जिससे मंदिर तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है। इसलिए आमतौर पर जून से सितंबर के बीच का समय यहां यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

जन्माष्टमी पर लगता है विशेष धार्मिक आयोजन

युल्ला कांडा मंदिर में हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस समय किन्नौर और आसपास के कई गांवों से श्रद्धालु कठिन यात्रा करके मंदिर पहुंचते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना करते हैं।

जन्माष्टमी के दौरान यहां भजन कीर्तन और पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु झील के चारों ओर परिक्रमा भी करते हैं जिसे बेहद पवित्र माना जाता है। स्थानीय लोगों के लिए यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्राकृतिक सुंदरता भी बनाती है इस स्थान को खास

युल्ला कांडा मंदिर केवल धार्मिक महत्व के कारण ही प्रसिद्ध नहीं है बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता भी इसे खास बनाती है। मंदिर के आसपास ऊंचे पर्वत, हरे घास के मैदान और शांत झील इस स्थान को बेहद आकर्षक बनाते हैं।

यहां से हिमालय की कई ऊंची चोटियों के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं। सुबह और शाम के समय यहां का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक महसूस होता है। यही कारण है कि कई ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमी भी इस स्थान को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं।

आस्था और रोमांच का अनोखा संगम

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित युल्ला कांडा मंदिर आस्था और रोमांच का अद्भुत संगम माना जाता है। 12000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता को भी करीब से देखने का अवसर देता है।

कठिन रास्तों और ऊंचाई के बावजूद यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि इस स्थान की आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण जीवन में एक अलग ही अनुभव देता है। यही कारण है कि युल्ला कांडा मंदिर धीरे धीरे देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।

You Might Also Like

Madhya Pradesh में Junior Doctors का Stipend बढ़ा

Indore और Bhopal Collector के पास कोई संपत्ति नहीं

Indore Municipal Corporation Budget 2025: आय कम, Budget बड़ा तो क्यों उठे सवाल

Monalisa की शादी: प्यार, पब्लिसिटी या नया विवाद

भारत का Mini Switzerland Chopta Valley प्रकृति का अद्भुत स्वर्ग

TAGGED: 12, himalayas, Krishna temple, thefourth, thefourthindia, Yulla Kanda
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

जो पुलवामा करवा सकता है, वो कुछ भी करवा सकता है- सत्यपाल मालिक

3 वर्ष पहले

महिलाओं पर गलत बोलने वाले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर केस का आदेश

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हुआ सामूहिक हत्याकांड, एक ही परिवार के 8 लोगों की हत्या!

संसद मे महिलाओं पर शर्मनाक बयान नीतीश को पड़ा भारी

रेलवे यूनियनों ने 1 मई से ट्रेनें रोकने की दी धमकी!

You Might Also Like

Germany ने बनाए जासूसी करने वाले Cyborg Cockroach, कैमरा और सेंसर से करेंगे निगरानी
World

Germany ने बनाए जासूसी करने वाले Cyborg Cockroach, कैमरा और सेंसर से करेंगे निगरानी

1 दिन पहले
देश में 46% Indians को नहीं मिल रही 6 घंटे की भी नींद
Health

देश में 46% Indians को नहीं मिल रही 6 घंटे की भी नींद

1 दिन पहले
दुनिया का सबसे ऊंचा Tungnath Mandir ऊंचाइयों में आस्था का अद्भुत केंद्र
India

दुनिया का सबसे ऊंचा Tungnath Mandir ऊंचाइयों में आस्था का अद्भुत केंद्र

2 दिन पहले
768 512 16419541 thumbnail 3x2 hadsaaajasjhjhss - The Fourth
Cities

Indore : देश के सबसे स्वच्छ शहर निगम को बेचना पड़ रही अपनी संपत्ति

3 दिन पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?