By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
September 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: दुनिया का सबसे ऊंचा Tungnath Mandir ऊंचाइयों में आस्था का अद्भुत केंद्र
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
दुनिया का सबसे ऊंचा Tungnath Mandir ऊंचाइयों में आस्था का अद्भुत केंद्र
India

दुनिया का सबसे ऊंचा Tungnath Mandir ऊंचाइयों में आस्था का अद्भुत केंद्र

पंच केदार का दिव्य धाम

Last updated: मार्च 14, 2026 4:51 अपराह्न
By Divisha 6 महीना पहले
Share
7 Min Read
SHARE

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित Tungnath Mandir भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे ऊंचा भगवान शिव का मंदिर माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह प्राचीन मंदिर गढ़वाल हिमालय की पहाड़ियों में बसा हुआ है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

Tungnath Mandir पंच केदार में तीसरा मंदिर माना जाता है और धार्मिक महत्व के साथ साथ अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के कारण भी प्रसिद्ध है। मंदिर चंद्रशिला पर्वत के नीचे स्थित है और इसके आसपास फैले बुग्याल यानी हरे घास के मैदान इस स्थान की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।

हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु संत और पर्यटक यहां भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचते हैं। कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद इस मंदिर की यात्रा को बेहद पवित्र और आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है।

पंच केदार की परंपरा में Tungnath का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में पंच केदार मंदिरों का विशेष महत्व माना जाता है। पंच केदार में केदारनाथ, Tungnath, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर शामिल हैं। इन सभी मंदिरों का संबंध महाभारत काल की कथा से जुड़ा हुआ है। मान्यता के अनुसार महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की तलाश में हिमालय पहुंचे थे। भगवान शिव उनसे नाराज थे और उनसे मिलने से बचने के लिए बैल का रूप धारण कर लिया था।

कथा के अनुसार जब पांडवों ने उस बैल को पकड़ने की कोशिश की तो भगवान शिव का शरीर अलग अलग स्थानों पर प्रकट हुआ। तुंगनाथ में भगवान शिव की भुजाएं प्रकट हुई थीं। इसी कारण यहां मंदिर की स्थापना की गई और इसे पंच केदार में विशेष स्थान प्राप्त हुआ।

हजारों साल पुराना माना जाता है मंदिर

Tungnath Mandir को बेहद प्राचीन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने कराया था। बाद में आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने इस मंदिर और आसपास के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार करवाया और यहां पूजा की परंपरा को व्यवस्थित रूप दिया।

मंदिर पत्थरों से निर्मित है और इसकी वास्तुकला उत्तर भारतीय हिमालयी शैली को दर्शाती है। कठोर मौसम और बर्फबारी के बावजूद यह मंदिर सदियों से मजबूती के साथ खड़ा हुआ है।
मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव की पूजा की जाती है और यहां स्थापित शिवलिंग को बेहद पवित्र माना जाता है। मंदिर परिसर में कई छोटे मंदिर भी बने हुए हैं जो विभिन्न देवी देवताओं को समर्पित हैं।

चोपता से शुरू होती है तुंगनाथ की यात्रा

Tungnath Mandir तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चोपता से ट्रेकिंग करनी पड़ती है। चोपता को अक्सर मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है क्योंकि यहां के घास के मैदान और पहाड़ बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं।

चोपता से Tungnath Mandir की दूरी लगभग तीन से चार किलोमीटर है। यह रास्ता पत्थरों से बना हुआ है और धीरे धीरे ऊंचाई की ओर बढ़ता है। रास्ते में घने जंगल, रंग बिरंगे फूल और हिमालय की ऊंची चोटियों के दृश्य यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यह ट्रेक भारत के सबसे आसान और सुंदर हिमालयी ट्रेक में गिना जाता है। इसी कारण यहां श्रद्धालुओं के साथ साथ ट्रेकिंग और एडवेंचर के शौकीन लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

सर्दियों में छह महीने बंद रहते हैं कपाट

Tungnath Mandir अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां सर्दियों में भारी बर्फबारी होती है। इसी वजह से मंदिर के कपाट हर साल लगभग छह महीने के लिए बंद कर दिए जाते हैं।

आमतौर पर अप्रैल या मई में अक्षय तृतीया के आसपास मंदिर के कपाट खोले जाते हैं और अक्टूबर या नवंबर में दीपावली के बाद बंद कर दिए जाते हैं। जब मंदिर बंद रहता है तब भगवान तुंगनाथ की पूजा पास के मक्कूमठ गांव में की जाती है। मक्कूमठ को Tungnath Mandir का शीतकालीन गद्दी स्थल माना जाता है और सर्दियों में श्रद्धालु वहीं जाकर पूजा अर्चना करते हैं।

चंद्रशिला शिखर भी है बड़ा आकर्षण

Tungnath Mandir के पास स्थित चंद्रशिला शिखर भी पर्यटकों और ट्रेकर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है। तुंगनाथ से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह शिखर हिमालय की कई प्रमुख चोटियों का शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है।

चंद्रशिला से नंदा देवी, चौखंबा, केदारनाथ और त्रिशूल जैसी हिमालय की प्रसिद्ध पर्वत श्रृंखलाएं साफ दिखाई देती हैं। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य देखने के लिए देश विदेश से पर्यटक आते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम ने रावण का वध करने के बाद इसी स्थान पर तपस्या की थी। इसी कारण यह स्थान धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आस्था और प्रकृति का अनोखा संगम

Tungnath Mandir केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि प्रकृति की अद्भुत सुंदरता का भी प्रतीक है। यहां का शांत वातावरण, शुद्ध हवा और हिमालय की विशालता श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है। हर साल हजारों श्रद्धालु कठिन यात्रा के बावजूद यहां भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उनका मानना है कि इस पवित्र स्थान पर आकर मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

गढ़वाल हिमालय की गोद में स्थित Tungnath Mandir भारत की प्राचीन धार्मिक परंपरा और प्राकृतिक विरासत का शानदार उदाहरण है। दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर होने के कारण यह स्थान देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में अपनी खास पहचान बनाए हुए है।

You Might Also Like

Nikita Porwal अब मिस वर्ल्ड 2026 में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

Janmashtami पर मप्र के इन कृष्ण मंदिरों में उमड़ेगी आस्था

Hanuman Ansh के गाने ने बदली सुनील लोधी की जिंदगी

Mahakali में अक्षय खन्ना का रौद्र रूप देख मची हलचल

यश की Toxic में कितना दम, जानें फिल्म का पूरा रिव्यू

TAGGED: highest temple, Shiva temple, thefourth, thefourthindia, Tungnath Mandir, uttrakhand
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

Sutlaj-ott-se-kyu-hui-gayab-janiye-pura-vivad
Entertainment

Sutlaj ओटीटी से क्यों हुई गायब जानिए पूरा विवाद

2 महीना पहले

एशियन गेम्स की स्क्वाड मे इंदौर की शिखा – आहाना शामिल

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर हमला, कहा CM पिनाराई विजयन की साजिश

Money Heist का नया सीजन आएगा या नहीं

इंदौर की बेटी International Legends Cricket League में निभा रही अंपायर की भूमिका

You Might Also Like

drishyam-3-ka-nya-naam-sun-badha-darshako-ka-suspense
Entertainment

Drishyam 3 का नया नाम सुन बढ़ा दर्शकों का सस्पेंस

2 सप्ताह पहले
shravan-ke-aakhri-somvar-pr-shivmay-hua-ujjain-indore
Cities

Shravan के आखिरी सोमवार पर शिवमय हुआ उज्जैन-इंदौर

2 सप्ताह पहले
2030-tak-moon-par-khulenge-naukri-ke-naye-raste
Science

2030 तक Moon पर खुलेंगे नौकरी के नए रास्ते

2 सप्ताह पहले
indore-me-khula-14-d-cinema-wala-virtual-zoo
Cities

Indore में खुला 14-D सिनेमा वाला Virtual Zoo

2 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?