By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
July 22, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: अफगानिस्तान में महिलाओं की आवाज़ खामोश: तालिबान ने बंद किया इकलौता Women’s Radio Station
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
images 5 - The Fourth
World

अफगानिस्तान में महिलाओं की आवाज़ खामोश: तालिबान ने बंद किया इकलौता Women’s Radio Station

यह radio station महिलाओं की आवाज़ था जो अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रही थीं।

Last updated: फ़रवरी 6, 2025 6:38 अपराह्न
By Saloni 1 वर्ष पहले
Share
5 Min Read
SHARE

अफगानिस्तान में तालिबान के 2021 में सत्ता में आने के बाद से महिलाओं के अधिकार और स्वतंत्रता पर लगातार हमले हो रहे हैं। 1996-2001 के अपने पहले शासनकाल के दौरान भी तालिबान ने महिलाओं को समाज से अलग रखने और उन्हें शिक्षा, नौकरी और स्वतंत्रता से वंचित करने के कठोर नियम लागू किए थे। दो दशक बाद जब तालिबान ने फिर से सत्ता संभाली, तो उन्होंने वही दमनकारी नीतियां लागू करनी शुरू कर दीं। हाल ही में, देश के इकलौते Women’s Radio Station, Radio Begum को बंद कर दिया गया, जो महिलाओं के लिए एक सशक्त माध्यम था।

Women’s Radio Station बंद, छीन ली गई महिलाओं की आखिरी आवाज़

अफगानिस्तान का ‘Radio Begum’ radio station, जो महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को उठाने का एकमात्र माध्यम था, तालिबान ने यह कहते हुए बंद कर दिया कि यह उनके नियमों का उल्लंघन कर रहा है। यह radio station न केवल महिलाओं के लिए एक platform था, बल्कि उन महिलाओं की भी आवाज़ था जो अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रही थीं।

तालिबान का पहला शासन बनाम आज का दौर

1996-2001 के दौरान तालिबान का शासन भी महिलाओं के लिए कठोर था, लेकिन तब कुछ हद तक सामाजिक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण महिलाओं को मदद मिल पाई थी। 2001 के बाद जब अमेरिका और अन्य देशों ने तालिबान को सत्ता से हटाया, तब महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और समाज में भागीदारी के अवसर मिले।

पहले का दौर: महिलाओं ने स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई शुरू की, नौकरियों में हिस्सा लिया और सरकार से लेकर मीडिया तक हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाई।

आज का दौर: महिलाओं को फिर से उनके घरों में कैद कर दिया गया। उनकी शिक्षा और रोजगार छीनकर उन्हें केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित कर दिया गया है।

महिलाओं का भविष्य: अंधकारमय स्थिति

तालिबान की दमनकारी नीतियों ने अफगानिस्तान की महिलाओं का भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय बना दिया है। शिक्षा, रोजगार और स्वतंत्रता से वंचित होकर महिलाएं आज हर स्तर पर कमजोर हो गई हैं। 2021 में सत्ता में आने के बाद से, महिलाओं पर कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो उन्हें समाज से लगभग पूरी तरह अलग कर देते हैं। तालिबान ने हाल ही में महिलाओं के खिलाफ कई नए कानून लागू किए हैं। तालिबान का शासन महिलाओं के लिए हमेशा से अत्याचार का प्रतीक रहा है।

  1. शिक्षा पर प्रतिबंध: लड़कियों को Secondary Education और उच्च शिक्षा से वंचित कर दिया गया है। विश्वविद्यालयों में महिलाओं का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया है।
  2. कम उम्र में शादी: तालिबान ने विवाह के लिए महिलाओं की न्यूनतम उम्र घटाकर 13-14 वर्ष कर दी है। यह कानून न केवल उनके बचपन को छीनता है, बल्कि उन्हें कम उम्र में जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा देता है।
  3. सार्वजनिक जीवन से बहिष्कार: महिलाओं को पार्क, जिम और बागानों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने की अनुमति नहीं है।
  4. पहनावे पर सख्त नियंत्रण: Burqa पहनना अनिवार्य है और बिना इसे पहने बाहर निकलने पर सज़ा दी जाती है।
  5. NGO और नौकरी पर रोक: महिलाओं को गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और अन्य sectors में काम करने से रोक दिया गया है।
  6. Driving पर प्रतिबंध: महिलाओं के वाहन चलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
  7. Health Sector में कटौती: कई स्वास्थ्य सुविधाओं में महिलाओं के इलाज के लिए महिला डॉक्टरों की कमी हो गई है क्योंकि महिलाएं medical क्षेत्र में काम करने से रोक दी गई हैं।

इन कानूनों के चलते अफगानिस्तान की महिलाएं अब पूरी तरह से अपने घरों में कैद हो चुकी हैं। उनकी शिक्षा, स्वतंत्रता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को छीन लिया गया है। यह दमनकारी माहौल उनके जीवन को न केवल सीमित करता है, बल्कि यह समाज के विकास और भविष्य के लिए भी एक गंभीर खतरा है।

Women’s Radio Station का बंद होना केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों पर तालिबान के एक और हमले का प्रतीक है। अफगानिस्तान की महिलाएं हर दिन अपने अस्तित्व और स्वतंत्रता के लिए लड़ रही हैं। यह दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि अगर अब कदम नहीं उठाए गए, तो लाखों महिलाओं की आवाज़ और उनके सपने हमेशा के लिए दबा दिए जाएंगे।

You Might Also Like

Bhopal में 25 जुलाई से शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस सेवा

Indore में किसानों की ट्रैक्टर रैली पर पुलिस कार्रवाई

IRCTC ने आसान की तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया

Indore में स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों पर बवाल

Jagannath Rath Yatra 2026 आज से शुरू हुई आस्था की सबसे भव्य यात्रा

TAGGED: Afghanistan, Radio Begum, Taliban, thefourth, thefourthindia, Women’s Radio Station, womens rights
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

109702183 - The Fourth
India

बाबा रामदेव के 14 पतंजलि प्रोडक्ट्स पर उत्तराखंड सरकार ने लगाया बैन

2 वर्ष पहले

अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा करेगा इजराइली एंटी-ड्रोन सिस्टम !

डागडुशेठ गणपति मंदिर में माघी गणेश जयंती का आयोजन

JDU के अध्यक्ष पद से ललन सिंह ने दिया इस्तीफा, नीतीश कुमार संभाल सकते है कमान !

Qualifier-2 में पंजाब ने मुंबई को हराकर 11 साल बाद रखा Final में कदम

You Might Also Like

Gupta-Navratri-ke-pehle-din-shuru-hoti-hai-10-mahavidyao-ki-sadhna
Religion

Gupta Navratri के पहले दिन से शुरू होती है दशमहाविद्याओं की साधना

7 दिन पहले
Indore-me-15-din-se-chatro-ka-aandolan-jari
Cities

Indore में 15 दिन से छात्रों का आंदोलन जारी

7 दिन पहले
MP-ke-4-khiladio-ka-Hockey-me-bada-chayan
Sports

एमपी के 4 खिलाड़ियों का Hockey में बड़ा चयन

7 दिन पहले
Sawan-me-Mahakal-ki-nayi-aarti-vyavastha-lagu
Religion

सावन में Mahakal की नई आरती व्यवस्था लागू

7 दिन पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?