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Reading: पेड़ों की रक्षा का जापानी तरीका: Nemawashi
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पेड़ों की रक्षा का जापानी तरीका: Nemawashi

जापान के रूप में एक उम्मीद अब भी दुनिया में हैं

Last updated: अप्रैल 9, 2025 3:28 अपराह्न
By Mihir Dhekane 1 वर्ष पहले
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4 Min Read
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दुनिया के ज़्यादातर हिस्सों में जब भी जब भी सड़कें, buildings या कोई भी नया project बनाया जाता है, तो सबसे पहले पर मौजूद पेड़ो को काट दिया जाता हैं। अंधाधुंध विकास की इस दौड़ में पेड़ों की बलि में प्रकृति की बलि चढ़ना एक आम सी बात हो गई हैं। लेकिन जापान के रूप में एक उम्मीद अब भी दुनिया में हैं और ये देश सबके सामने एक अच्छा उदाहरण भी रख रहा हैं कि कैसे पेड़ों की रक्षा की जाए।

क्या हैं Nemawashi?

जापान में पेड़ों को बेवजह नहीं काटा जाता बल्कि उन्हें एक जीवित प्राणी की तरह ही सम्मान दिया जाता हैं। ऐसे में पेड़ो को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की एक बहुत ही शानदार तकनीक हैं जिसका नाम “Nemawashi” हैं। “Nemawashi” एक जापानी शब्द है, जिसका मतलब होता है “जड़ों को घुमाना”। ये technique मुख्य रूप से पेड़ों या पौधों को एक से दूसरी जगह पर ले जाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसका मकसद पेड़ की जड़ों को बिना नुकसान पहुंचाए उसे नई जगह पर सुरक्षित रूप से लगाना है।

इसकी process क्या हैं?

सबसे पहले पेड़ की जड़ों को ध्यान से inspect किया जाता है और उसकी अतिरिक्त मिट्टी को साफ किया जाता है। इससे यह ensure होता है कि जड़ों को नुकसान न हो। पेड़ की जड़ों को एक सुरक्षित कपड़े या जाली से लपेटा जाता है ताकि वह सुरक्षित रहें और transfer के दौरान किसी प्रकार का नुकसान न हो। पेड़ को नई जगह पर लगाने से पहले, वहां की मिट्टी और वातावरण की ठीक से तैयारी की जाती है, ताकि पेड़ स्थिति के मुताबिक अच्छे से adjust हो सके। आखिर में पेड़ को सावधानी से नई जगह पर लगाया जाता है। जड़ों को ध्यान में रखते हुए उसे ठीक से स्थापित किया जाता है, ताकि पेड़ जल्दी से नई जगह में उग सके।

इसके फायदे क्या हैं?

सबसे पहले तो पेड़-पौधे पूरी तरह से कटकर या उखड़कर बर्बाद नहीं होते। इन्हें एक जगह से दूसरी जगह लगाकर पर्यावरण का संतुलन बना रहता हैं। इससे biodiversity को नुकसान नहीं पहुंचता और पेड़ अपनी जगह से हटकर भी ज़िंदा रहते हैं।

इस technique से जंगलों को नुकसान नहीं पहुंचता। जब पेड़ों को नई जगह पर सही तरीके से लगाया जाता है, तो यह जंगलों के अस्तित्व को खतरे से बचाता है। जब पेड़ों को सही तरीके से transfer किया जाता है, तो इस बात का ध्यान रखा जाता है कि जड़ें अच्छी स्थिति में रहें। इससे soil composition बना रहता है और soil erosion भी नहीं होता। ये तकनीक तेज़ी से हो रहे climate change में फायदेमंद साबित हो रही हैं।

निष्कर्ष

इस तरह ये technique भारत समेत पूरी दुनिया के लिए रोल मॉडल साबित हो सकती हैं। हालांकि हमारे भारत में कुछ स्थानों पर जब भी पेड़ काटे जाते हैं तो उनकी जगह किसी अन्य स्थान पर पौधे लगाए भी जाते हैं। लेकिन इसके इस्तेमाल से पर्यावरण के लिहाज़ से चीज़ें और बेहतर ही होंगी। यह न केवल पेड़ों की सुरक्षा बरकरार रखेगा, बल्कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन भी बना रहेगा।

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TAGGED: biodiversity, green development, japan, Nemawashi, thefourth, thefourthindia, tree protection
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