इंदौर किसी समय इंदौर शहर के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले IDA में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति अभी भी इंतजार में है। राज्य सरकार के द्वारा बार-बार निगम मंडल के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति जल्द शुरू करने का दावा किया जाने के बावजूद अभी तक नियुक्ति का सिलसिला शुरू नहीं हो पाया है। प्राधिकरण के पिछले दोनों अध्यक्ष अब राजनीतिक रूप से समृद्ध स्थिति में आ गए हैं। ऐसे में करोड़ों रुपए के फायदे में चलने वाले इस प्राधिकरण का अध्यक्ष बनने में भाजपा के नेताओं की सबसे ज्यादा रुचि बनी हुई है। हर नेता की इच्छा है कि वह प्राधिकरण का अध्यक्ष बन जाए। प्राधिकरण के पास करोड़ों रुपए का फंड होने के कारण प्राधिकरण के माध्यम से किसी भी काम को अंजाम देना बहुत आसान हो जाता है।
इस समय प्राधिकरण के अध्यक्ष पद की दौड़ में सुदर्शन गुप्ता और जीतू जिराती बने हुए हैं। सुदर्शन गुप्ता को संगठन के प्रति समर्पित होने और पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के द्वारा उनके गृह क्षेत्र से नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को टिकट दिए जाने के बाद उनके द्वारा अदा की गई भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही ऐसा माना जाता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 में विजयवर्गीय के अलावा दूसरा शक्ति केंद्र सुदर्शन को ताकत देकर तैयार कर सकते हैं। इस दौड़ में दूसरा नाम जीतू जिराती का है जो की विजयवर्गीय के ही समर्थक है। इंदौर के राऊ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर वह हार चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के द्वारा उन्हें टिकट नहीं दिया गया था। अब अपने राजनीतिक वनवास की समाप्ति के लिए उन्हें प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से वापसी होने की उम्मीद है।
इन दोनों प्रमुख नेताओं के अलावा भी बहुत सारे नेता ऐसे हैं जो कि प्राधिकरण का अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं। इसमें खास तौर पर विजयवर्गीय के द्वारा अपने समर्थक हरि नारायण यादव का नाम भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इस नाम को लेकर यह उम्मीद की जा रही है कि उन्हें यादव होने का लाभ मिल सकता है। वैसे वे पहले भी प्राधिकरण में उपाध्यक्ष रह चुके हैं।
