इंदौर की पहचान से जुड़ी करीब 200 साल पुरानी Residency Kothi में अब बदलाव की तैयारी है। यहां पुराने गेस्ट हाउस के 9 कमरों को लग्जरी सुइट्स में बदलने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक जरूरत के अनुसार कमरों के आंतरिक ढांचे में बदलाव कर उनका आकार बढ़ाया जाएगा। काम पूरा होने के बाद कमरों में आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
9 कमरों को लग्जरी सुइट्स में बदला जाएगा
Residency Kothi के पुराने गेस्ट हाउस में मौजूद 9 कमरों को लग्जरी सुइट्स में विकसित किया जाएगा। इनमें केंद्रीय वातानुकूलन, आधुनिक स्नानघर, प्रीमियम फर्नीचर, एलईडी रोशनी और तेज इंटरनेट जैसी सुविधाएं देने की योजना है। परिसर के चार प्रमुख बगीचों के सौंदर्यीकरण का काम भी प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार काम को चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नेहरू और पटेल समेत कई बड़े नामों से जुड़ी
Residency Kothi का इतिहास ब्रिटिश दौर से जुड़ा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद समेत कई बड़े नेता और राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ठहर चुके हैं। यह इमारत 1857 के विद्रोह की घटनाओं से भी जुड़ी रही है। 1 जुलाई 1857 को सआदत खान और उनके साथियों ने Residency पर हमला किया था।
कानून में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण का प्रावधान
मध्य प्रदेश के प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1964 में ऐतिहासिक, पुरातात्विक या कलात्मक महत्व वाली कम से कम 100 साल पुरानी इमारत को प्राचीन स्मारक की परिभाषा में शामिल किया गया है। हालांकि किसी प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने के लिए अलग कानूनी प्रक्रिया निर्धारित है।
अब Residency Kothi के बदलाव पर नजर
ऐसे में 200 साल पुरानी Residency Kothi के अंदर प्रस्तावित बदलाव चर्चा का विषय बन गए हैं। प्रशासन की ओर से बाहरी ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखने की बात कही गई है, जबकि अंदरूनी हिस्सों में कमरों को बड़ा करने और आधुनिक सुविधाएं जोड़ने की योजना है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नवीनीकरण के दौरान इमारत की ऐतिहासिक बनावट और विरासत को किस तरह संरक्षित रखा जाता है।
