Indore में जलसंकट के बीच गुरुवार सुबह नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बह गया। कनाड़िया बायपास पर भंडारी रिसॉर्ट के पास हुई इस घटना में पानी की तेज धार करीब 15 फीट ऊंचाई तक उछलने लगी। पानी का दबाव इतना अधिक था कि दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था, जैसे सड़क किनारे कोई बड़ा फव्वारा चल रहा हो।
पानी पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की ओर जाने लगा, जिसके बाद उसे बचाने के लिए मौके पर जेसीबी की मदद से पानी की दिशा बदलने की कोशिश की गई। इस घटना में 3 से 4 एमएलडी पानी बर्बाद होने का अनुमान है। वहीं, बायपास से जुड़े करीब आठ क्षेत्रों में जलापूर्ति कम दबाव और कम क्षमता से होने की जानकारी सामने आई है।
Indore में भंडारी रिसॉर्ट के पास कैसे फूटी नर्मदा लाइन?
Indore के कनाड़िया बायपास पर भंडारी रिसॉर्ट के पास नर्मदा की मुख्य जलप्रदाय पाइपलाइन में अचानक लीकेज हो गया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक ट्रक के वॉल से टकराने के कारण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई। हालांकि, इस कारण की आधिकारिक जांच के विस्तृत निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। पाइपलाइन से निकलने वाले पानी का दबाव इतना तेज था कि उसकी धार करीब 15 फीट तक ऊपर उछलने लगी। पास के पुल से गुजरने वाले लोगों को दूर से यह दृश्य किसी बड़े फव्वारे जैसा दिखाई दिया। देखते ही देखते पानी सड़क पर फैल गया और आसपास के क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनने लगी।
हाईटेंशन लाइन को बचाने के लिए लगानी पड़ी जेसीबी
पाइपलाइन से निकल रहा पानी पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की ओर जा रहा था। ऐसी स्थिति में बिजली की लाइन को संभावित नुकसान से बचाना जरूरी हो गया। मौके पर जेसीबी लगाकर उछलते पानी की दिशा बदलने की कोशिश की गई, ताकि पानी सीधे हाईटेंशन लाइन की ओर न जाए।पानी के तेज बहाव के कारण मौके पर मौजूद लोगों के लिए भी स्थिति असामान्य थी। हालांकि, बिजली की लाइन को कोई नुकसान पहुंचा या नहीं और इस घटना के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
3 से 4 एमएलडी पानी बर्बाद होने का अनुमान
नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी की बर्बादी का बड़ा अनुमान सामने आया है। नगर निगम के एमआईसी सदस्य के मुताबिक, इस घटना में करीब 3 से 4 एमएलडी पानी बर्बाद होने का अनुमान है। एमएलडी का अर्थ मिलियन लीटर प्रतिदिन होता है। इसलिए इस आंकड़े को घटना के दौरान बह चुके पानी की सटीक कुल मात्रा नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक नुकसान का आकलन लीकेज की अवधि, पानी के दबाव और मरम्मत में लगे समय के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
Indore में कम बारिश के कारण आने वाले महीनों में जल उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में मुख्य पाइपलाइन से बड़ी मात्रा में पानी बहना जल प्रबंधन के सामने चुनौती खड़ी करता है। एक ओर लोगों से पानी बचाने की अपील की जाती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाओं में पेयजल की बर्बादी रोकना भी जरूरी है।
Indore के आठ क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित
पाइपलाइन में लीकेज के कारण बायपास से जुड़े करीब आठ क्षेत्रों में जलापूर्ति कम दबाव और कम क्षमता के साथ होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और सुधार कार्य शुरू किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार टैंकरों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई। मुख्य पाइपलाइन में खराबी आने से पानी के वितरण की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही जलापूर्ति सामान्य होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, प्रभावित आठ क्षेत्रों के नाम और सभी इलाकों में आपूर्ति बहाल होने के समय की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
जलसंकट पर बैठक के बीच फूटी नर्मदा की लाइन
Indore में यह घटना ऐसे समय हुई, जब शहर में पानी की उपलब्धता और जल प्रबंधन को लेकर बैठक चल रही थी। जलसंकट से निपटने के उपायों पर चर्चा के बीच बायपास पर नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन फूटने से पानी की बर्बादी का मामला सामने आया। कम बारिश के कारण शहर में आने वाले समय के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की चिंता बनी हुई है। ऐसे में मुख्य पाइपलाइन से पानी का इस तरह बहना व्यवस्था की निगरानी और रखरखाव पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, किसी भी विभागीय लापरवाही का निष्कर्ष निकालने के लिए घटना की जांच और आधिकारिक जानकारी जरूरी है।
Indore में पाइपलाइन लीकेज से पहले भी हुआ नुकसान
Indore में नर्मदा की पाइपलाइन से जुड़ी समस्याएं इससे पहले भी सामने आ चुकी हैं। 7 अक्टूबर को परदेशीपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन से पानी रिसने के बाद सड़क का एक हिस्सा धंसने की घटना सामने आई थी। पानी के रिसाव से सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होने की बात सामने आई थी। इन घटनाओं से भूमिगत पाइपलाइनों की नियमित जांच, सड़क निर्माण के दौरान जलप्रदाय लाइनों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत की जरूरत सामने आती है।
पाइपलाइन में लीकेज को समय रहते रोकने से पानी की बर्बादी के साथ सड़क और यातायात पर पड़ने वाले असर को भी कम किया जा सकता है। Indore में भंडारी रिसॉर्ट के पास नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन फूटने की घटना ने जल संरक्षण और जलप्रदाय व्यवस्था के रखरखाव की अहमियत फिर सामने रखी है।
