By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
November 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: चंबल नदी में Dolphin की संख्या पांच साल में 118% बढ़ी
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
chambal-nadi-me-dolphin-ki-sankhya-panch-saal-me-118-percent-badhi
Cities

चंबल नदी में Dolphin की संख्या पांच साल में 118% बढ़ी

आधुनिक तकनीक से भी हो रही गणना।

Last updated: नवम्बर 4, 2026 9:10 अपराह्न
By Divisha 7 दिन पहले
Share
4 Min Read
SHARE

मध्यप्रदेश की चंबल नदी से जलीय जीवों के संरक्षण को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। यहां गंगा Dolphin की वार्षिक गणना में दर्ज संख्या पांच साल में 71 से बढ़कर 155 हो गई। वर्ष 2022 में 71, 2023 में 96, 2024 में 111, 2025 में 111 और 2026 में 155 Dolphin दर्ज की गईं। इन आंकड़ों के अनुसार, दर्ज संख्या में करीब 118 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, अलग-अलग सर्वेक्षणों में इस्तेमाल की गई विधियों के कारण इन आंकड़ों को वास्तविक आबादी में हुई बढ़ोतरी का सीधा प्रमाण नहीं माना जा सकता।

आधुनिक तकनीक से हो रही Dolphin की गणना

चंबल नदी में Dolphin की वास्तविक संख्या का बेहतर आकलन करने के लिए अक्टूबर 2026 में विशेष सर्वेक्षण किया गया। इसमें देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों और वन विभाग की टीमों ने हिस्सा लिया। 7 से 14 अक्टूबर के बीच किए गए सर्वे में सात दिनों के भीतर 110 से अधिक Dolphin की पहचान की गई थी। इस दौरान करीब 250 किलोमीटर लंबे नदी क्षेत्र का सर्वे करने की योजना थी। शुरुआती आंकड़ों के बाद अंतिम गणना का परिणाम अलग हो सकता है।

ध्वनि तरंगों से पानी के भीतर पहचान

गंगा Dolphin की दृष्टि कमजोर होती है। वह पानी के भीतर दिशा पहचानने और आसपास की वस्तुओं का पता लगाने के लिए ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल करती है। इसी वजह से इसकी गणना के लिए केवल आंखों से देखकर गिनने के बजाय आधुनिक उपकरणों और ध्वनि आधारित तकनीकों की मदद ली जा रही है। सर्वेक्षण में विशेषज्ञ पानी के भीतर इसकी मौजूदगी और गतिविधियों का पता लगाने के साथ आंकड़े दर्ज करते हैं। इससे उन जीवों की पहचान करने में मदद मिलती है, जिन्हें नदी की सतह पर लगातार देख पाना संभव नहीं होता।

तीन राज्यों में फैला है Dolphin का प्राकृतिक आवास

राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के नदी क्षेत्रों में फैला है। इसका संरक्षित नदी क्षेत्र करीब 435 किलोमीटर लंबा है। चंबल में पाई जाने वाली गंगा Dolphin मीठे पानी में रहने वाला दुर्लभ जलीय स्तनधारी जीव है। इसे स्थानीय भाषा में सूंस भी कहा जाता है। यह नदी के पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी मौजूदगी नदी के प्राकृतिक पर्यावरण को समझने में मदद करती है।

Dolphin के संरक्षण के लिए क्यों जरूरी है सर्वेक्षण?

Dolphin की संख्या के साथ उसके रहने के क्षेत्र, आवास की स्थिति और सामने आने वाले खतरों की जानकारी जुटाना भी जरूरी है। इसके लिए केंद्र सरकार की प्रोजेक्ट Dolphin पहल के अंतर्गत देशभर में नदी और समुद्री क्षेत्रों में Dolphin की गणना की जा रही है। भारतीय वन्यजीव संस्थान और संबंधित राज्यों के वन विभाग इस काम में सहयोग कर रहे हैं। वर्ष 2026 से 2028 के दौरान चलने वाली वैज्ञानिक पहल का उद्देश्य Dolphin की आबादी, वितरण और आवास संबंधी जानकारी जुटाकर संरक्षण की बेहतर योजना बनाना है।

You Might Also Like

Madhya Pradesh में 10 रुपए में ट्रेन का सफर शुरू, जानें नए रूट और स्टेशन

Indore में नर्मदा की मेन लाइन फूटी तो 15 फीट उछला पानी

Hema Malini ने 77 की उम्र में निभाया माता पार्वती का किरदार

Navratri 2026 की शुरुआत आज से जानें खास बातें

Nana Patekar के निधन से सिनेमा में छाया गहरा सन्नाटा

TAGGED: Chambal, dolphins, fish, india, madhya pradesh, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

t7m0vb1o delhi lg swati maliwal ani 650 650x400 02 May 24 - The Fourth
India

दिल्ली महिला आयोग के 223 कर्मचारी बर्खास्त

3 वर्ष पहले

क्या है ‘व्हाइट पेपर’ और ‘ब्लैक पेपर’ का मामला?

बुद्ध पूर्णिमा : शांति और करुणा का पर्व

मानवीय गलती से क्रैश हुआ था CDS रावत का हेलिकाप्टर, कई हाई प्रोफाइल भारतीय भी बन चुके हैं हवाई दुर्घटना का शिकार

चाइल्ड ट्रैफिकिंग मामले में CBI ने की छापेमारी, 8 बच्चों का किया रेस्क्यू!

You Might Also Like

vidisha-ka-bhaktigram-adhunik-suvidhaon-se-dur-jeevan
Fourth Special

Vidisha का भक्तिग्राम, आधुनिक सुविधाओं से दूर जीवन

1 महीना पहले
nehru-patel-jahan-thehre-the-us-200-saal-purani-residency-kothi-me-badlav-ki-yojana
Cities

नेहरू-पटेल जहां ठहरे थे, उस 200 साल पुरानी Residency Kothi में बदलाव की योजना

1 महीना पहले
mppsc-aur-group-2-pariksha-ek-din-hone-se-badhi-mushkil
Education

MPPSC और ग्रुप-2 परीक्षा एक दिन होने से बढ़ी मुश्किल

1 महीना पहले
IMG 20261002 WA0003 - The Fourth
Cities

Indore : भागीरथपुरा की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

1 महीना पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?