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bhaidooj - The Fourth
Religion

क्यों मनाया जाता है भाई दूज, जानिए इसका महत्व

भाई दूज कब मनाएं 14 या 15 नवंबर, जानें सही तारिक।

Last updated: नवम्बर 14, 2023 2:01 पूर्वाह्न
By Divya 3 वर्ष पहले
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4 Min Read
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चैत्र माह के शुरु होते ही त्योहारों की भी शुरुआत हो गई है। दिवाली के दो दिन बाद यानी कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में हर रिश्ते को अत्यधिक महत्व दिया जाता है।भाई-बहन का ये पर्व साल में दो बार आता है।भारत के अलग-अलग राज्यों में भाई-बहन इस त्योहार को बढ़े धूम धाम से मनाया जाता है। अक्सर लोग भाई दूज को का त्योहार मनाते है। मगर उन्हें इसके पीछे की कहानी मालूम नहीं होती है। ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं भाइ दूज का इतिहास, कहानी, तिथि और शुभ मुहूर्त समेत सारी जानकारी।

कैसे शुरूआत हुई भाई दूज कि

आपको बता दे कि इस पर्व की शुरूआत सबसे पहले यमुना जी ने की थी। यमुना जी के भाई का नाम य
यमराज था। एक दिन यमराज को अपनी बहन यमुना की बहुत याद आ रही थी, वे अचानक से अपनी बहन के घर चलें गए। भाई को आता देख बहन काफी खुश हो गई। जिसके बाद यमुना ने कहा कि आप हर वर्ष इस दिन मेरे घर आएं। लौटते वक्त यमुना जी ने उसे नारियल देकर विदा किया था। इसके बाद से इस दिन बहनें अपने भाई को नारियल देकर विदा करती हैं।और तभी से भाई दूज की शुरुआत हुई और हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन भाई अपनी बहन के घर जाकर टीका लगवाने लगे। इसके बाद यमराज ने अपनी बहन से कहा कि वे उपहार मे एक वरदान मांग लें।

भाई दूज का महत्व

हिंदू धर्म में भाई दूज के पर्व को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि ये पर्व भाइयों और बहनों के बीच के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। भाई दूज पर बहनें अपने भाई के माथे पर हल्दी और रोली का तिलक लगाती हैं। ऐसी मान्यता है कि यदि भाई बहन यमुना नदी के किनारे बैठकर भोजन करते हैं तो जीवन में समृद्धि आती है।

बहन ने भाई से मांगा ये वचन

बहन यमुना ने अपने भाई से कहा कि मेरे पास सबकुछ है, बस आपसे यह चाहिए कि आप साल में एक बार मुझसे मिलने जरूर आएं। यमराज ने अपनी बहन को बोला कि ऐसा ही होगा। मैं हर साल तुमसे मिलने एक बार जरुर आउंगा।सिर्फ मैं ही नहीं इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाएगा और अपनी बहन से तिलक करेंगे तो उसकी उम्र लंबी हो जाएगी और उसके जीवन की हर समस्या दूर हो जाएगी।

भाई दूज मनाने का शुभ मुहर्त

इस साल भाई दूज की 2 तारीख सामने आ रही है। 14 नवंबर के दिन भाई दूज का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से दोपहर 3 बजकर 19 मिनट तक है। वहीं, 15 नवंबर को शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।

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