By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
September 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: Indore: पिछले एक साल में रोके गए 57 बाल विवाह के मामले
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
child marriages - The Fourth
Cities

Indore: पिछले एक साल में रोके गए 57 बाल विवाह के मामले

देश में 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करने का लक्ष्य है।

Last updated: जुलाई 18, 2024 6:20 अपराह्न
By Urva Richhariya 2 वर्ष पहले
Share
3 Min Read
SHARE

शहर की एएएस एनजीओ (समाज में जागरूकता लाने का लक्ष्य) ने खुलासा किया है कि, वह पिछले एक साल में करीबन 57 बाल विवाहों को रद्द करने में सफल रहा हैं। एएएस के मुताबिक इन 57 मामलों में से, जिला प्रशासन की मदद से सात बाल विवाह के मामले और ग्राम पंचायत की मदद से 50 बाल विवाह के मामले रोके गए हैं। एएएस का कहना है कि, कानूनी कार्यवाई और कानूनी हस्तक्षेप की मदद से 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करने वाले उनके लक्ष्य में उन्हें सफलता मिलेगी।

इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन (आईसीपी) की रिसर्च टीम ने “न्याय की ओर: बाल विवाह का अंत” नाम की एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, एएएस और चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड 2030 तक देश से बाल विवाह को पूरी तरह से खत्म करने के लिए ‘चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ के एक सहयोगी संगठनों के रूप में काम कर रहे हैं। एएएस और चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड के संगठन ने सरकार से अपील की है कि, बाल विवाह के दोषियों को सजा मिले, ताकि लोगों में बाल विवाह के खिलाफ कानून का डर पैदा हो सके।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 के मुताबिक, इंदौर में बाल विवाह का रेट 21.7 है, जबकि पूरे देश का एवरेज ही 23.3 है। आईसीपी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में देश भर में बाल विवाह के कुल 3,563 मामले दर्ज हुए थे। इनमें से केवल 181 मामलों का ही निपटारा किया गया। इस मुताबिक, देश में पेंडिंग मामलों का रेट 92 फीसदी है। इस रेट के हिसाब से भारत में बाल विवाह के लंबे समय से पेंडिंग पड़े मामलों को निपटाने में करीबन 19 साल लग जायेंगे। यह रिपोर्ट, बाल विवाह को खत्म करने के लिए देश भर में न्यायिक प्रणाली द्वारा तुरंत कदम उठाए जाने की आवश्यकता को दर्शाती है।

‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के संयोजक रवि कांत ने राज्य में बाल विवाह रोकने के लिए असम सरकार द्वारा इस्तेमाल की गई कानूनी रणनीति के प्रभावी परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि, आईसीसी की यह रिपोर्ट यह साबित करती है कि बाल विवाह को खत्म करने में कानूनी कार्यवाई की सबसे बड़ी अहम भूमिका होती है। असम मॉडल का सही दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमें भी इसे आगे बढ़ाने की और पूरे देश में लागू करने की जरूरत हैं, ताकि बच्चों के खिलाफ अपराध खत्म हो सकें।

रवि ने आगे यह भी कहा कि, ‘ऐसे मामलों में अपराधियों की सजा का दर कम होना एक चिंता का विषय है। साल 2022 में बाल विवाह के केवल 11 प्रतिशत मामलों में अपराधियों को सजा मिली थी। यह आंकड़ा बाल विवाह के मामलों में गहरी जांच और अदालती सुनवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

You Might Also Like

Nikita Porwal अब मिस वर्ल्ड 2026 में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

Janmashtami पर मप्र के इन कृष्ण मंदिरों में उमड़ेगी आस्था

Hanuman Ansh के गाने ने बदली सुनील लोधी की जिंदगी

Mahakali में अक्षय खन्ना का रौद्र रूप देख मची हलचल

यश की Toxic में कितना दम, जानें फिल्म का पूरा रिव्यू

TAGGED: AAS foundation, child marriage, ICP, India Child Protection, indore, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

IMG 20260422 WA0033 - The Fourth
World

धरती की सच्चाई दिखाती 6 दमदार डॉक्यूमेंट्री, Earth Day 2026 पर जानिए प्रकृति का असली चेहरा

5 महीना पहले

MP में विधानसभा सत्र… कई विधायक शादी में!

बॉक्स ऑफिस की फ्लॉप फ़िल्में जो बाद मे बनी हिट (PART 2)

शिवराज सरकार ने लाड़ली-बहना के प्रचार पर 33 करोड़ फूंक दिए !

Tata group भारत का पहला iPhone निर्माता बनने के लिए पूरी तरह तैयार है

You Might Also Like

drishyam-3-ka-nya-naam-sun-badha-darshako-ka-suspense
Entertainment

Drishyam 3 का नया नाम सुन बढ़ा दर्शकों का सस्पेंस

2 सप्ताह पहले
shravan-ke-aakhri-somvar-pr-shivmay-hua-ujjain-indore
Cities

Shravan के आखिरी सोमवार पर शिवमय हुआ उज्जैन-इंदौर

2 सप्ताह पहले
2030-tak-moon-par-khulenge-naukri-ke-naye-raste
Science

2030 तक Moon पर खुलेंगे नौकरी के नए रास्ते

2 सप्ताह पहले
indore-me-khula-14-d-cinema-wala-virtual-zoo
Cities

Indore में खुला 14-D सिनेमा वाला Virtual Zoo

2 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?