मध्य प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा भारत सरकार को सौंप दिया है। इस खुलासे में कई बड़े अधिकारियों की करोड़ों की संपत्ति सामने आई है, जबकि कुछ Collector और अधिकारियों के नाम पर एक भी संपत्ति नहीं है।
अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की संपत्ति
अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की कुल संपत्ति करीब साढ़े छह करोड़ रुपये बताई गई है। इन संपत्तियों से उन्हें और उनकी पत्नी को सालाना 23 लाख 68 हजार रुपये की आय होती है। Bhopal के बिशनखेड़ी गांव में उनके पास दो कृषि भूखंड हैं, जिनकी कीमत 75-75 लाख रुपये है। इसके अलावा बड़वानी कला के रायल विला में 223 वर्ग मीटर का फ्लैट है जिसकी कीमत 80 लाख रुपये है और इससे सालाना 1.92 लाख रुपये की आय होती है।
बड़वानी कला के इंद्रधनुष टावर में उनके पास 211 वर्ग मीटर का 1.50 करोड़ रुपये का फ्लैट है, जिससे स्वयं और पत्नी को मिलकर सालाना 2.56 लाख रुपये की आय होती है। इंद्रधनुष टावर में ही 416 वर्ग मीटर का तीन करोड़ रुपये का व्यावसायिक स्पेस है, जिससे सालाना 19 लाख 20 हजार रुपये की आय होती है।
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की संपत्ति
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और उनकी पत्नी रचना दुबे की कुल संपत्ति चार करोड़ 67 लाख रुपये है। इनमें से 1 करोड़ 87 लाख रुपये की संपत्ति से उन्हें सालाना 41 लाख 34 हजार रुपये की आय होती है।
टीकमगढ़ में उनके पास 10 हेक्टेयर कृषि भूमि है जिसकी वर्तमान कीमत 12 लाख रुपये है और इससे सालाना 1 लाख 45 हजार रुपये की आय होती है। न्यू मार्केट Bhopal में 50 लाख रुपये का 1700 वर्ग फुट का रेजिडेंशियल फ्लैट है, जिससे सालाना 2 लाख 64 हजार रुपये की आय होती है। बर्रई Bhopal में 0.410 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसका सालाना आय 1 लाख 25 हजार रुपये है। शाहपुरा भोपाल में उनका 3600 वर्ग फुट का आवासीय भवन है, जिससे सालाना 36 लाख रुपये की आय होती है। इसके अलावा भोपाल में दो करोड़ 80 लाख रुपये का आवासीय भवन भी उनकी संपत्ति में शामिल है।
अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा की संपत्ति
अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने अपनी कुल संपत्ति एक करोड़ 73 लाख 92 हजार रुपये बताई है। इसमें भोपाल और गुजरात की संपत्ति शामिल है। भोपाल के मंडरी गांव में उनके पास चार एकड़ जमीन है। सेमरी गांव में 0.380 और 0.580 हेक्टेयर के दो भूखंड और इसी गांव में 0.25 एकड़ कृषि भूमि शामिल है। इसके अलावा गुजरात के अहमदाबाद में उनके पास 50 लाख रुपये का ऑफिस स्पेस है।
अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी की स्थिति
अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी ने अपने नाम पर कोई संपत्ति घोषित नहीं की है। हालांकि उनकी पत्नी, अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने रायसेन जिले के गौहरगंज में 27.94 लाख रुपये की कृषि भूमि घोषित की है।
मैदानी अधिकारियों की संपत्ति
Indore Collector शिवम वर्मा ने अपने नाम पर कोई संपत्ति घोषित नहीं की है। यह खुलासा खास है क्योंकि स्थानीय स्तर पर यह खबर काफी चर्चा में है। Bhopal Collector कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास भी अपने नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। उन्होंने अपनी पत्नी के नाम उत्तर प्रदेश के लखनऊ में डेढ़ करोड़ रुपये का प्लॉट बताया है।

जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के पास उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में स्वयं और भाई के नाम 29 लाख रुपये का कृषि भूखंड है, जबकि मां के नाम 38 लाख रुपये का भूखंड दर्ज है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने 68 लाख रुपये की संपत्ति स्वयं और पति के नाम घोषित की है, जिसमें इंदौर के हातोद में 31 लाख रुपये का प्लॉट शामिल है। उज्जैन Collector रोशन कुमार सिंह के पास लखनऊ में 25 लाख रुपये का 162 वर्ग मीटर का भूखंड है और गौतम नगर में मां और स्वयं के नाम 55 लाख रुपये का 1,425 वर्ग फुट का फ्लैट है।
उप सचिव संतोष वर्मा की संपत्ति
ब्राह्मण बेटियों को लेकर विवादित बयान देने वाले उप सचिव संतोष वर्मा के पास बड़वानी जिले के थान गांव में 1.87 एकड़ भूमि है। इससे उन्हें सालाना 1 लाख 10 हजार रुपये की आय होती है।
आईएएस अधिकारियों को हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा भारत सरकार को देना होता है। इसमें मकान, भूखंड या फ्लैट कब खरीदा गया, उसकी वर्तमान कीमत क्या है और उससे सालाना कितनी आय होती है, इसका पूरा विवरण देना अनिवार्य है। इस बार के खुलासे ने दिखा दिया है कि प्रदेश के आईएएस अधिकारियों की संपत्ति में बहुत बड़ा अंतर है। जहां कुछ अधिकारियों के पास करोड़ों की संपत्ति और फ्लैट हैं, वहीं कुछ के नाम पर एक भी संपत्ति नहीं है। यह खुलासा नागरिकों के लिए प्रशासन में पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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