मध्य प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर में विकास कार्यों को एक नई रफ्तार मिले, इसके लिए इंदौर नगर निगम ने FY 2025-26 के लिए 8,236.98 करोड़ रुपए का बजट पेश किया हैं। इस बजट में शहर के basic infrastructure को मज़बूत करने, digital transformation और environmental protection पर खास ध्यान दिया गया हैं। आम जनता के लिए एक खुशखबर ये भी हैं कि ना तो किसी नए tax की घोषणा की गई और ना ही हाल में चल रहे taxes में किसी तरह की बढ़ोतरी हुई।
Water management इस बजट का एक बेहद ज़रुरी पहलू हैं, इसके लिए 2,134 करोड़ रुपए के बड़े projects execute किए जाएंगे। इतनी बड़ी रकम चौथे phase में water supply में सुधार में खर्च की जाएगी। इसके तहत 38 नए water tanks, पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार आदि काम होंगे। पश्चिमी क्षेत्र में water supply बेहतर हो, इसके लिए 30 MLD का एक sump well बनाया जाएगा।
स्ट्रीट लाइटिंग में सुधार के लिए 20 मुख्य सड़कों पर 4.98 करोड़ रुपए की लागत से central lighting system स्थापित किया जाएगा। 21 प्रमुख जगहों पर high-mast lighting लगाई जाएगी, साथ ही LED स्ट्रीट लाइटों में 35 करोड़ रूपए invest किए जाएंगे। 85 उद्यानों और 85 वार्डों में lighting के लिए 10 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
इंदौर में digital transformation हो, इस पर खासा ज़ोर दिया गया हैं। इंदौर के हर घर को एक digital address मिलेगा, जिसकी शुरुआत वार्ड 82 से एक pilot project के रूप में होगी। Digital waste collection के लिए एक app को विशेष तौर पर लागू किया जाएगा। नगर निगम वर्कशॉप को भी digitized करने की योजना हैं।
सीवरेज ट्रीटमेंट के क्षेत्र में भी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। तीन नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) और 2 नए कॉमन एफलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स (CETPs) स्थापित किए जाएंगे। एक नया 750 MLD का STP भी विकसित किया जाएगा, जिसकी लागत 1,100 करोड़ रुपए होगी।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को आधुनिक बनाने पर भी ध्यान दिया गया हैं। 200 TPD क्षमता का नया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इंदौर के चिड़ियाघर को ज़ीरो वेस्ट फैसिलिटी के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
बजट में सबसे ज़्यादा ज़ोर “basic infrastructure development” पर दिया गया हैं, जिसके लिए 450 करोड़ रुपए की बड़ी रकम का आवंटन किया गया हैं। इसका इस्तेमाल 23 मास्टर प्लान सड़कों के एक साथ निर्माण के लिए खर्च किया जाएगा। इनमें 80 करोड़ रुपए पुलों के निर्माण में खर्च होंगे, वहीं 130 करोड़ रुपए 10 सड़कों के निर्माण के लिए खर्च किए जाएंगे। शहर में जाम की समस्या में कमी आए, इसके लिए 10 जगहों पर 11 करोड़ की लागत से ओवरपास बनाए जाएंगे।
ये बजट सफाई पसंद इंदौर को environment-friendly और digital बनाने की दिशा में एक अच्छा कदम हैं। यदि सभी योजनाएं समय से पूरी हो जाती हैं तो इसमें कोई शक नहीं कि लगातार विकास कर रहे इंदौर को एक मॉडल शहर के रूप में पहचाना जाएगा।