Indore Municipal Corporation एक बार फिर अपने वार्षिक budget को लेकर चर्चा में है। इस बार budget का आकार करीब 8400 करोड़ रुपये रहने की संभावना है, लेकिन इसके साथ ही 100 से 150 करोड़ रुपये तक के घाटे का अनुमान भी लगाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर नगर निगम की बैठक में तीखी बहस देखने को मिली। कई सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब निगम की वास्तविक आय 1500 से 2000 करोड़ रुपये के आसपास है तो बजट का आकार इतना बड़ा कैसे बनाया जा रहा है।
गुरुवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल की बैठक हुई जिसमें budget के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान बजट के आंकड़ों और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल सामने आए।
Indore Municipal Corporation Budget क्यों बना चर्चा का विषय
Indore Municipal Corporation 28 और 29 मार्च को आगामी वित्तीय वर्ष का वार्षिक budget पेश करने जा रहा है। इस budget का आकार लगभग 8400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यह budget पिछले वर्ष के मुकाबले थोड़ा बड़ा हो सकता है। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने 8238 करोड़ रुपये का budget पेश किया था। उस समय भी budget 164 करोड़ रुपये के घाटे के साथ प्रस्तुत किया गया था।
Indore Municipal Corporation Budget को लेकर अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि वास्तविक आय कम होने के बावजूद budget का आकार इतना बड़ा क्यों होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में कई ऐसे प्रोजेक्ट और योजनाएं शामिल की जाती हैं जिनके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और विभिन्न योजनाओं से फंड मिलने की उम्मीद रहती है। इसी कारण budget का आकार वास्तविक आय से काफी बड़ा दिखाई देता है।
एमआईसी बैठक में Budget पर तीखी बहस
Budget को लेकर मेयर इन काउंसिल की बैठक में काफी गर्मागर्म चर्चा हुई। जब लेखा शाखा के अपर आयुक्त देवधर दरवई ने budget के आंकड़े प्रस्तुत किए तो कई सदस्यों ने उन पर सवाल उठाए। कुछ सदस्यों का कहना था कि निगम की वास्तविक आय 1500 से 2000 करोड़ रुपये के बीच है। ऐसे में लगभग 8400 करोड़ रुपये का budget तैयार करना व्यावहारिक नहीं लगता।
एमआईसी के चार सदस्यों ने यह भी कहा कि उनके विभागों के अधिकारियों ने budget तैयार करने से पहले उनसे कोई चर्चा नहीं की। उनका कहना था कि यदि विभागीय स्तर पर पहले से विचार विमर्श होता तो budget अधिक संतुलित और व्यावहारिक बन सकता था। बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने budget के विभिन्न प्रावधानों और योजनाओं को लेकर सदस्यों के सवालों का जवाब भी दिया।
Indore Municipal Corporation की आय के प्रमुख स्रोत
Indore Municipal Corporation की आय कई स्रोतों से आती है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा संपत्ति कर से मिलता है। इसके अलावा जल कर, विज्ञापन कर, विकास शुल्क, लाइसेंस फीस और विभिन्न सेवाओं से मिलने वाली आय भी निगम के राजस्व का हिस्सा होती है। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली राशि भी Indore Municipal Corporation के budget का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती है। स्मार्ट सिटी परियोजना, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं के लिए मिलने वाला फंड भी budget में शामिल किया जाता है। इसी कारण वास्तविक नकद आय कम होने के बावजूद budget का आकार कई गुना बड़ा दिखाई देता है।
बैठक में अन्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
एमआईसी की बैठक में budget के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई और उन्हें स्वीकृति दी गई। बैठक में शहर की जोन समितियों को अधिक मजबूत बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है ताकि नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सके।
इसके अलावा सरवटे बस स्टैंड की पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी प्रस्ताव पास किया गया। शहर के सबसे व्यस्त बस स्टैंड में पार्किंग व्यवस्था सुधारने की योजना लंबे समय से चर्चा में थी।एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी स्टेडियम करने से जुड़ा था। इस प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति दी गई।
डिजिटल लाइब्रेरी का प्रस्ताव भी चर्चा में
बैठक में शहर में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव भी सामने आया। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को आधुनिक सुविधाओं से लैस अध्ययन केंद्र उपलब्ध कराना है। यदि यह प्रस्ताव budget में शामिल होता है तो शहर के कई हिस्सों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा सकती हैं जहां इंटरनेट, ई बुक्स और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री की सुविधा उपलब्ध होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।
Budget पेश होने के बाद होगा अंतिम फैसला
Indore Municipal Corporation Budget 28 और 29 मार्च को आधिकारिक रूप से पेश किया जाएगा। इसके बाद पार्षदों के बीच इस पर विस्तृत चर्चा होगी और आवश्यक संशोधनों के बाद इसे अंतिम मंजूरी दी जाएगी। नगर निगम का यह बजट शहर के विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं और नई योजनाओं की दिशा तय करेगा। हालांकि budget के आकार और संभावित घाटे को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब budget पेश होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।
शहर के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की नजर अब आगामी budget बैठक पर टिकी हुई है क्योंकि इसी के आधार पर आने वाले वर्ष में Indore के विकास की रूपरेखा तय होगी।
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