By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
July 21, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: ईरानी महिलाओं की आज़ादी पर हिजाब कानून की नई मार
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
96459088 gettyimages 491268851.jpg - The Fourth
World

ईरानी महिलाओं की आज़ादी पर हिजाब कानून की नई मार

महसा अमीनी के बाद भी नहीं रुका ईरान में महिलाओं का संघर्ष

Last updated: दिसम्बर 12, 2024 5:35 अपराह्न
By Divya 2 वर्ष पहले
Share
4 Min Read
SHARE

ईरान एक ऐसा देश है जहां पर कानून बहुत ही सख्त हैं। ईरान की संसद में एक और कानून पास किया गया है, जो हिजाब से जुड़ा है। इस कानून के तहत सही तरीके से हिजाब न पहनने या हिजाब का विरोध करने वाली महिलाओं को कठोर सज़ा दी जाएगी। हालांकि, खुद ईरान के राष्ट्रपति ने इसे सही नहीं बताया है। इन कानूनों के अनुसार अगर कोई महिला एक से ज्यादा बार इस कानून का उल्लंघन करती है, तो उसे 15 साल तक की जेल या फांसी की सजा का सामना करना पड़ सकता है। इस नए कानून के अनुच्छेद 60 के तहत दोषी महिलाओं को जुर्माना, कोड़े की सजा या कठोर जेल की सजा भी हो सकती है। पर आखिर ये कानून क्या है पहले और अब में इस कानून से ईरान में क्या बदलाव आ जाएगा?

कैसा था पहले ईरान में हिजाब कानून?

अगर हम पहले कानून कैसा था हिजाब कानून उसकी बात करे तो यह देखने में पुराना ही कानून लगता है, लेकिन इस नए कानून में सबसे नया पहलू इसमें बढ़े हुए सजा के प्रावधान हैं। पहले के समय इस कानून के उल्लंघन पर दोषी महिलाओं के लिए 10 दिन से लेकर दो महीने की सज़ा और 5 हजार से 5 लाख तक का जुर्माना शामिल था जो कि, भारतीय मुद्रा के अनुसार एक हजार रुपए है।

क्या है हिजाब कानून का मकसद?

ईरान सरकार का कहना है कि, “पवित्रता और हिजाब” कानून का मकसद हिजाब कल्चर को बनाए रखना है। ईरान का ये भी कहना है कि, अच्छे से कपड़े न पहनने, ठीक से चेहरा न ढकने पर कड़ी सजा दी जा सकती है। इस बिल को पारित करने के पक्ष में बुधवार को 152 सदस्यों ने मत दिया, जबकि विरोध में केवल 34 मत ही पड़े। इस नए कानून में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर कोई भी महिला सार्वजनिक स्थलों पर अनुचित कपड़े पहने पाई गई तो उसे चौथे दर्जे की सज़ा दी जाएगी। ईरान में साल 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान ने औरतों को सभी जगहों पर बाल ढकने का कानून लागू किया था।

क्या है महसा अमीनी विवाद?

सितंबर 2022 में ईरानी कुर्दिश महिला महसा अमीनी को हिजाब कानून तोड़ने के लिए गिरफ्तार किया गया था। जिसकी उम्र 22 साल थी। जिसके बाद महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। लोगों ने इल्जाम लगाया कि, पुलिस ने महसा को हिरासत में लेने के बाद उसके साथ बहुत दुर्व्यवहार किया जिससे उसकी मौत हुई थी। जबकि पुलिस का कहना था कि, महसा की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। महसा की गिरफ्तारी और मौत इसके बाद पूरे ईरान में हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन विरोध प्रदर्शनों में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। जिसे काबू करने में ईरानी प्रशासन को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

पत्रकारों और एक्टिविस्टों का विरोध

इस कठोर कानून के खिलाफ 140 से ज्यादा पत्रकारों ने आवाज़ उठाई है, इसे नागरिक अधिकारों का उल्लंघन और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। वहीं, दूसरी ओर महिला अधिकारों पर बात करने वाले संगठन पहले से ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। पत्रकार और एक्टिविस्ट मसीह अलीनेजाद ने इस कानून को महिलाओं को कुचलने, उनकी आवाज़ दबाने, समानता की लड़ाई को खत्म करने का सोचा-समझा हथियार बताया है। उन्होंने कहा कि, “यह कोई कानून नहीं है यह आतंक का एक हथियार है।”

You Might Also Like

Bhopal में 25 जुलाई से शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस सेवा

Indore में किसानों की ट्रैक्टर रैली पर पुलिस कार्रवाई

IRCTC ने आसान की तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया

Indore में स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों पर बवाल

Jagannath Rath Yatra 2026 आज से शुरू हुई आस्था की सबसे भव्य यात्रा

TAGGED: iran government, iran hijab law, iran political issues, iran protests, iran society, iran women protest, islamic law, mahsa amini, thefourth, thefourthindia, women freedom, women rights
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

sun - The Fourth
Religion

सर्वपितृ अमावस्या पर लग रहा इस साल का दूसरा आखिरी सूर्यग्रहण

3 वर्ष पहले

आघोर ने रिलीज की अपनी डेब्यू एल्बम “Everything Is Everything “

देश में महिलाओं और बच्चों के साथ अपराध बढ़ा, इंदौर भी अब महिलाओं के लिए असुरक्षित

हजारों किलोमीटर तक पैदल जा रहे है ‘राम भक्त’!

Indore में मासूम की माैत, परिवार ने गलत इलाज का आरोप लगाया

You Might Also Like

Gupta-Navratri-ke-pehle-din-shuru-hoti-hai-10-mahavidyao-ki-sadhna
Religion

Gupta Navratri के पहले दिन से शुरू होती है दशमहाविद्याओं की साधना

7 दिन पहले
Indore-me-15-din-se-chatro-ka-aandolan-jari
Cities

Indore में 15 दिन से छात्रों का आंदोलन जारी

7 दिन पहले
MP-ke-4-khiladio-ka-Hockey-me-bada-chayan
Sports

एमपी के 4 खिलाड़ियों का Hockey में बड़ा चयन

7 दिन पहले
Sawan-me-Mahakal-ki-nayi-aarti-vyavastha-lagu
Religion

सावन में Mahakal की नई आरती व्यवस्था लागू

7 दिन पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?